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MP Police का नवाचार, थानों में लगाये QR कोड, शिकायत का अपडेट मिलेगा,दे सकेंगे सुझाव और फीडबैक

Written by:Atul Saxena
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शहडोल पुलिस का यह कदम निश्चित तौर पर एक स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में मजबूत प्रयास है, इससे न सिर्फ पुलिस पर आम जनता का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि व्यवस्था में पारदर्शिता और संवेदनशीलता भी आएगी।
MP Police का नवाचार, थानों में लगाये QR कोड, शिकायत का अपडेट मिलेगा,दे सकेंगे सुझाव और फीडबैक

ये दौर तकनीक का दौर है, मध्य प्रदेश पुलिस (MP Police) भी खुद को इस डिजिटल युग में स्मार्ट बन रही है, बदमाशों को पकड़ने और साइबर क्राइम अपराधियों को दूर दूर से खोज निकालने वाली मध्य प्रदेश पुलिस अब इस तकनीक का उपयोग जनता के हित में भी करने जा रही है, इसके लिए शहडोल पुलिस ने एक नवाचार किया है, आइये जानते हैं इसके बारे में…

मध्य प्रदेश की शहडोल पुलिस ने एक अनूठा और जनहितैषी कदम उठाया है। आम जनता से सीधे जुड़ने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए शहडोल पुलिस ने थानों में क्यूआर कोड लगाए हैं, पुलिस का कहना है कि इससे न सिर्फ थाने की कार्यप्रणाली पर नजर रखी जा सकेगी, बल्कि आम नागरिक भी अपने अनुभव साझा कर सकेंगे।

थानों में QR कोड, मिलेगा शिकायत का अपडेट 

थानों में QR कोड लगाने का आइडिया शहडोल एसपी रामजी श्रीवास्तव का है, जिले के हर थाने में ये लगा होगा जिसे स्कैन कर पीड़ित व्यक्ति अपनी शिकायत का अपडेट दे सकेंगे इतना ही नहीं इसके मध्यम से जिले के लोग पुलिस को सुझाव, फीडबैक दे सकेंगे।

पारदर्शिता बढ़ेगी, वरिष्ठ अधिकारियों तक सीधी पहुंच

खास बात ये है कि QR कोड के माध्यम  से लोग इसमें ये भी दर्ज कर सकेंगे कि उन्हें थाना में त्वरित सुनवाई मिली या नहीं, यह पहल पुलिस प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही को नई दिशा प्रदान करेगी। डिजिटल दौर में शहडोल के थानों में अब लोगों की शिकायतें सिर्फ रजिस्टर तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि डिजिटल रूप में उच्चाधिकारियों तक भी पहुंचेंगी, जिससे समय पर कार्यवाही संभव हो सकेगी।

शहडोल से राहुल सिंह राणा की रिपोर्ट  

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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