महाशिवरात्रि का पावन पर्व आते ही पूरे देश में शिव भक्ति का माहौल बन जाता है, और मध्यप्रदेश के शहडोल में इसका अलग ही रंग देखने को मिल रहा है। सुबह की पहली किरण के साथ ही मंदिरों की घंटियां बजने लगीं और श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए निकल पड़े। शहर के प्रमुख मंदिरों में आज सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें दिखाई दीं।
भक्ति, विश्वास और परंपरा का संगम इस दिन साफ नजर आता है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा सभी शिव भक्ति में डूबे दिखाई दे रहे हैं। व्रत, पूजा, रुद्राभिषेक और भजन-कीर्तन के साथ पूरा वातावरण शिवमय हो गया है।
शहडोल में महाशिवरात्रि का उल्लास, सुबह से मंदिरों में भीड़
शहडोल जिला मुख्यालय में महाशिवरात्रि का पर्व हर साल धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं की संख्या और उत्साह पहले से ज्यादा देखने को मिल रहा है। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही लोग स्नान कर मंदिरों की ओर बढ़ने लगे।
लोगों का मानना है कि इस दिन व्रत रखकर और शिव पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। इसलिए शहर के लगभग हर मोहल्ले के शिवालय में भक्तों की भीड़ लगी रही।
विराट शिव मंदिर बना आस्था का सबसे बड़ा केंद्र
शहर के प्रमुख धार्मिक स्थल विराट शिव मंदिर में आज सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। मंदिर परिसर में लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। हालांकि, मंदिर प्रशासन द्वारा गर्भगृह में प्रवेश पर रोक रखी गई है।
गर्भगृह का मुख्य द्वार बंद रखा गया है, लेकिन लोहे की जाली के माध्यम से श्रद्धालु शिवलिंग के दर्शन कर रहे हैं। भक्त वहीं खड़े होकर जल अर्पित कर रहे हैं और पूजा-पाठ कर रहे हैं। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। लोगों के चेहरों पर श्रद्धा और संतोष साफ दिखाई दे रहा है।
दुर्गा मंदिर और मृत्युंजय मंदिर में भी दिनभर पूजा-अर्चना
शहर के गंज क्षेत्र स्थित दुर्गा मंदिर गंज परिसर में भी सुबह से श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही। यहां लोग भगवान शिव की पूजा करने पहुंचे और परिवार की सुख-शांति की कामना की।
इसी तरह डाइट परिसर स्थित मृत्युंजय मंदिर में भी धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यहां अखंड रामचरितमानस पाठ चल रहा है, जिसका समापन अगले दिन होगा। मंदिरों में दिनभर भजन, प्रसाद वितरण और पूजा कार्यक्रम चलते रहे, जिससे पूरा शहर धार्मिक माहौल में डूबा रहा।
गांवों और कस्बों में भी दिखी महाशिवरात्रि की धूम
केवल शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी महाशिवरात्रि का पर्व पूरे उत्साह से मनाया जा रहा है। गांवों में रुद्राभिषेक और विशेष पूजा का आयोजन किया जा रहा है। शहडोल-उमरिया सीमा के पास स्थित बूढ़ी माई मंदिर परिसर के शिव गुफा मंदिर में भी भक्तों की भीड़ लगी रही और धार्मिक अनुष्ठान जारी हैं। इसके अलावा धनपुरी, बुढार, ब्यौहारी, जयसिंहनगर और गोहपारु सहित कई क्षेत्रों में शिव मंदिरों में पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है। हर जगह “हर हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।
भक्तों के लिए महाशिवरात्रि का महत्व क्या है?
महाशिवरात्रि को शिव और शक्ति के मिलन का दिन माना जाता है। इस दिन व्रत रखने, रुद्राभिषेक करने और पूरी श्रद्धा से शिव पूजन करने से जीवन की बाधाएं दूर होने की मान्यता है। भक्तों का विश्वास है कि इस दिन की गई पूजा कई गुना अधिक फल देती है। इसलिए लोग सुबह से ही मंदिरों में पहुंचकर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर रहे हैं। कई लोग पूरे दिन व्रत रखते हैं और रात में जागरण कर भगवान शिव का स्मरण करते हैं।
प्रशासन और मंदिर समितियों ने की विशेष व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर समितियों और स्थानीय प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। दर्शन व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए स्वयंसेवक भी तैनात किए गए हैं। मंदिर परिसर में साफ-सफाई, पेयजल और प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई है ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।





