शहडोल कलेक्टर ने स्कूलों के समय में किया बदलाव, बढ़ती सर्दी को देखते हुए लिया गया फैसला

आदेशानुसार जिले में संचालित सभी शासकीय, अशासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक प्रथम पाली में संचालित समस्त विद्यालय 2 दिसंबर से 31 जनवरी 2025 तक सुबह 9 बजे से संचालित किए जाएंगे।
School Closed In Winter

Shahdol News : आज से दिसंबर महीने की शुरुआत हो चुकी है। इसके साथ ही ठंड भी लगातार बढ़ेगी। रात के तापमान में भी भारी गिरावट देखने को मिल रही है, जिसे देखते हुए सभी राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा ठंड से बचाव के लिए अलर्ट भी जारी किया गया है। साथ ही महत्वपूर्ण कदम भी उठाए जा रहे हैं। वहीं, मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में भी ठंड में बढ़ोतरी को देखते हुए कलेक्टर ने स्कूल के संचालन का समय बदल दिया है। इस खबर से पूरे जिले के स्कूल के बच्चों और शिक्षकों को राहत मिली है। बता दें कि तापमान में भारी गिरावट के कारण इसका असर बच्चों पर ज्यादा देखने को मिलता है, जिसे मद्देनजर रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

अब नए आदेश के तहत, 2 दिसंबर से कक्षा 8 तक की सभी कक्षाएं सुबह 9:00 बजे से संचालित की जाएगी। जिनमें सरकारी, प्राइवेट और सीबीएसई बोर्ड के स्कूल शामिल हैं। बता दें कि आदेश का 31 जनवरी 2025 तक पालन किया जाएगा।

स्वास्थ्य को देखते हुए लिया फैसला

कलेक्टर डॉक्टर केदारनाथ में बच्चों के स्वास्थ्य को मद्देनजर रखते हुए यह फैसला लिया है। साथ ही उन्होंने प्राइवेट स्कूल का संचालन करने वालों को भी सख्त हिदायत दी है। यदि स्कूल प्रबंधन द्वारा किसी भी तरह की लापरवाही बरती गई, तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसलिए उन्हें जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित समय पर ही स्कूलों का संचालन करना है। कलेक्टर द्वारा ये निर्देश ट्वीट के माध्यम से दिया गया है। जिसमें आदेश दिया गया है कि जिले में संचालित सभी शासकीय, अशासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक प्रथम पाली में संचालित समस्त विद्यालय 2 दिसंबर से 31 जनवरी 2025 तक सुबह 9 बजे से संचालित किया जाए।

समय में परिवर्तन

अमूमन स्कूल खुलने का समय 8:00 बजे का होता है। ऐसे में दूर-दराज से आने वाले बच्चों को सुबह 6:00 से 7:30 बजे के बीच निकालना पड़ता है। ऐसे में कोहरे के कारण विजिबिलिटी भी कम होती है। साथ ही सर्दी और शीतलहरी के कारण उनके हाथ-पांव भी बिल्कुल ठंडे पड़ जाते हैं। सर्द हवाएं लगने से सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी समस्याएं हो जाती है। इससे वह बीमार पड़ जाते हैं और उन्हें स्कूल आने में समस्या होती है। जिस कारण कई बार वह एब्सेंट भी हो जाते हैं। इससे उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ता है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा स्कूल संचालक के समय में परिवर्तन कर दिया गया है।

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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