प्रदेश में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद आखिरकार शहडोल का पुलिस महकमा नींद से जाग गया है। शहडोल जिले के बुढार थाना क्षेत्र में पुलिस ने अचानक ताबड़तोड़ छापेमारी करके अवैध शराब के कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया।
दरअसल, लंबे समय से इस इलाके में अवैध कच्ची शराब बनाने का काम धड़ल्ले से चल रहा था, लेकिन राज्य में हुए हादसों के बाद पुलिस को आनन-फानन में यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।
भारी मात्रा में लाहन और कच्ची शराब बरामद
बुढार पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के दौरान मौके से भारी मात्रा में अवैध शराब और उसे बनाने वाली सामग्री जब्त की गई है। पुलिस टीम ने कुल 255 किलो महुआ लाहन और 37 लीटर हाथ भट्ठी कच्ची शराब बरामद की है। आपको बता दें कि मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 6 आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है और उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है।
क्या हादसों के बाद ही जागता है प्रशासन?
इस कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल पुलिस की निगरानी और कार्यशैली पर उठ रहा है। क्या यह अवैध कारोबार रातों-रात शुरू हुआ था, या फिर काफी समय से बेखौफ चल रहा था? दरअसल, स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस को इसकी जानकारी पहले से थी। अगर आबकारी विभाग सही समय पर कड़ा रुख अपनाता, तो हादसों का इंतजार किए बिना ही इस अवैध धंधे पर काफी पहले लगाम लग सकती थी।
सतत कार्रवाई और कड़े पहरे की सख्त जरूरत
अब देखना यह होगा कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ कुछ दिनों का दिखावा है या पुलिस आगे भी इस तरह की सख्ती जारी रखेगी। आपको बता दें कि ग्रामीण इलाकों में अवैध हाथ भट्ठी शराब का धंधा लोगों की जान के लिए हमेशा बड़ा खतरा बना रहता है। ऐसे में सिर्फ 6 लोगों पर केस दर्ज करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि पुलिस को इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस रणनीति बनानी होगी।






