
शहडोल: मध्य प्रदेश में विकास और ‘गांव-गांव सड़क’ के नारों के बीच एक दर्दनाक सच्चाई सामने आई है। शहडोल जिले के ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र में सड़क न होने की वजह से एक 29 वर्षीय महिला की मौत हो गई। यह घटना मंगलवार को हुई बारिश के बाद कीचड़ भरे रास्ते पर फिसलने से हुई।
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मामला ब्यौहारी के बुढ़वा धरी नंबर 2 गांव का है। जानकारी के मुताबिक, बारिश के कारण गांव का कच्चा रास्ता पूरी तरह दलदल में तब्दील हो गया था। महिला इसी रास्ते से गुजर रही थी कि अचानक उसका पैर फिसला और वह गिर पड़ी। चोट इतनी गंभीर थी कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना ने सरकारी दावों की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है।
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प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। उनका आरोप है कि वे कई सालों से गांव में एक पक्की सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन उन्हें हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। लोगों का कहना है कि अगर गांव में सड़क होती, तो यह दुखद हादसा नहीं होता।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना के बाद गांव के कीचड़ भरे रास्ते का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए किस तरह कीचड़ और पगडंडियों से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि भाजपा सरकार सिर्फ नारों में विकास की बात करती है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात आज भी 20 साल पुराने जैसे ही हैं। यह घटना सवाल उठाती है कि क्या विकास की योजनाएं सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं?
राहुल सिंह राणा की रिपोर्ट

