जब ‘शिव’ भक्तों संग जमकर थिरके BJP विधायक, देखें वीडियो

जब ‘शिव’ भक्तों संग जमकर थिरके BJP विधायक, देखें वीडियो

शाजापुर/शुजालपुर।
आज महाशिवरात्री का पर्व है और चारों तरफ शिव भक्तों की धूम मची हुई है। सुबह से ही मंदिरों पर भक्तों का तांता लगा हुआ है और बम बम भोले का उद्घोष सुनाई दे रहा है। ऐसे में प्रदेशभर से अलग अलग तस्वीरे सामने आ रही है, इसी बीच मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले के शुजालपुर से भाजपा विधायक इंदर सिंह परमार का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे भोले के गानों पर शिवभक्तों संग थिरकते हुए नजर आ रहे है। वही परमार ने ठंड़ाई का भी जमकर आनंद लिया। विधायक का यह अंदाज अब वीडियो के रुप में सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

दरअसल, आज शुजालपुर में शिव भक्त मंडल द्वारा शिव बारात निकाली गई, जिसमें कई झाकियां की भी मनमोहक झलक देखने को मिली।प्राचीन रानो गंज छतरी में विराजित महादेव के नगर भ्रमण से पहले राम मंदिर पर पूजा अर्चना की गई। इसके बाद निशुल्क कन्या विवाह के दूल्हे ने घोड़ी पर सवार होकर शिव बारात की अगवानी की। मथुरा से आए कलाकारों ने शिव तांडव नृत्य प्रस्तुति से चलित वाहन में समा बांधा। आकर्षक ब्रह्मा जी की झांकी सहित अन्य सजीव ईश्वरी झांकियों को देखने के लिए भी भारी भीड़ उम डी। गाजे बाजे के साथ सैकड़ों भूतों की टोली नाचते हुए शिव बारात में शामिल हुई। इस बारात में शुजालपुर से बीजेपी विधायक इंदर सिंह परमार भी शामिल होने पहुंचे और भक्तों संग जमकर भोले के गानों पर डांस किया। इस दौरान उन्होंने शहरवासियों के साथ ठंडाई का भी आनंद लिया।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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