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शादी का झांसा देकर ठगी! शिवपुरी में फर्जी मैट्रिमोनियल गिरोह का खुलासा

Written by:Bhawna Choubey
Published:
शादी का झांसा, कॉल सेंटर का जाल और मोटी रकम की वसूली शिवपुरी में सामने आए इस फर्जी मैट्रिमोनियल रैकेट ने ऑनलाइन रिश्तों की हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की कार्रवाई में पूरा खेल उजागर हुआ है।
शादी का झांसा देकर ठगी! शिवपुरी में फर्जी मैट्रिमोनियल गिरोह का खुलासा

शादी हर इंसान की जिंदगी का बड़ा सपना होता है। इसी सपने को निशाना बनाकर मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक शातिर ठगी का नेटवर्क खड़ा किया गया था। मैट्रिमोनियल साइट और कॉल सेंटर के नाम पर कुंवारे युवकों को भरोसे में लिया जाता था और उनसे हजारों-लाखों रुपये वसूले जाते थे।

शिवपुरी में कैसे हुआ फर्जी मैट्रिमोनियल नेटवर्क का खुलासा

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में फिजिकल थाना पुलिस को काफी समय से शादी के नाम पर ठगी की शिकायतें मिल रही थीं। कई युवकों ने बताया कि उनसे मैट्रिमोनियल साइट के जरिए संपर्क किया गया, शादी के रिश्ते का भरोसा दिया गया और फिर अलग-अलग बहानों से पैसे मांगे गए।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि शहर में कॉल सेंटर की तरह एक पूरा सिस्टम चल रहा है, जहां से लोगों को फोन कर पैकेज ऑफर किए जाते हैं। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने एक साथ दो जगहों पर छापा मारने की योजना बनाई, ताकि पूरा नेटवर्क पकड़ा जा सके।

दो जगहों पर एक साथ छापेमारी, मचा हड़कंप

पुलिस की पहली कार्रवाई शिवपुरी के टीवी टावर रोड स्थित शिव शक्ति नगर में हुई। यहां एक मकान में मैट्रिमोनियल ऑफिस की आड़ में कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। अंदर कई युवतियां और महिलाएं फोन पर लोगों से बात कर रही थीं।

इसके बाद दूसरी टीम झांसी तिराहा क्षेत्र पहुंची, जहां भारत गैस एजेंसी के ऊपर पहले माले पर एक और ऑफिस संचालित हो रहा था। दोनों जगहों से कई महिलाओं और युवतियों को पूछताछ के लिए फिजिकल थाने लाया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

शादी का झांसा देकर कैसे होती थी पैसों की वसूली

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को फ्री रजिस्ट्रेशन का लालच देते थे। एक बार रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद कॉल सेंटर से फोन कर रिश्ते तय कराने की बात की जाती थी।

इसके बाद अलग-अलग पैकेज ऑफर किए जाते थे। दो महीने के पैकेज के लिए करीब तीन हजार रुपये और एक साल के पैकेज के लिए तीस हजार रुपये तक वसूले जाते थे। पीड़ितों का आरोप है कि पैसे लेने के बाद न तो कोई सही रिश्ता दिखाया गया और न ही शादी की बात आगे बढ़ी। धीरे-धीरे संपर्क भी बंद कर दिया जाता था।

स्टाफ के मोबाइल फोन भी रखे जाते थे कब्जे में

थाने लाई गई महिलाओं और युवतियों ने पुलिस को बताया कि ऑफिस में काम शुरू करते ही उनसे उनके निजी मोबाइल फोन काउंटर पर जमा करवा लिए जाते थे। काम के लिए उन्हें अलग फोन दिए जाते थे, ताकि बाहर की दुनिया से सीधा संपर्क न रहे।

इन ऑफिस फोन के जरिए ही ग्राहकों से बातचीत की जाती थी। पुलिस अब इन्हीं मोबाइल नंबरों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और बैंक खातों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ठगी का पैसा कहां-कहां भेजा गया और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।

सात लोगों पर दर्ज हुआ धोखाधड़ी का मामला

पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद इस फर्जी मैट्रिमोनियल नेटवर्क से जुड़े सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी नाम सामने आ सकते हैं।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह नेटवर्क सिर्फ शिवपुरी तक सीमित था या फिर दूसरे शहरों में भी इसी तरह के कॉल सेंटर चलाए जा रहे थे। कई पीड़ितों से संपर्क कर उनसे बयान लिए जा रहे हैं।