
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में करैरा में चल रही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की श्रीराम कथा के विशाल पंडाल में रविवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरे डोम में देखते ही देखते धुएं का गुबार छा गया जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
दरअसल यह घटना दोपहर करीब 3 बजे की बताई जा रही है जब कथा स्थल पर बने विशाल डोम में अचानक लपटें उठने लगीं। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि सबसे राहत और गनीमत की बात यह रही कि जिस समय यह आग लगी उस वक्त पंडाल के अंदर एक भी श्रद्धालु मौजूद नहीं था जिसकी वजह से एक बहुत बड़ी त्रासदी होने से बच गई।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री के दिल्ली जाने से बदला था समय
कथा स्थल पर अमूमन हर रोज दोपहर 3 बजे से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटना शुरू हो जाती है क्योंकि रोज कथा का समय दोपहर का ही रहता है। लेकिन रविवार के दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के किसी काम से दिल्ली जाने की वजह से कथा का समय बदलकर शाम 5 बजे तय किया गया था। समय में हुए इसी बदलाव के कारण घटना के वक्त मुख्य मंच और पूरा पंडाल पूरी तरह से खाली पड़ा हुआ था।
जैसे ही पंडाल से काले धुएं का तेज गुबार उठते देखा गया वहां मौजूद आयोजकों और स्थानीय पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में तुरंत घटना की सूचना दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही SDERF की फायर फाइटिंग टीम और दमकल की गाड़ियों ने बिना कोई देरी किए मौके पर पहुंचकर आग पर समय रहते काबू पा लिया जिससे बड़ा नुकसान होने से रुक गया।
टीआई ने दी राहत की जानकारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए करैरा थाना प्रभारी विनोद छावई ने बताया कि कथा के समय में बदलाव होना सभी के लिए वरदान साबित हुआ। समय बदलने की वजह से न तो वहां कोई भगदड़ मची और ना ही किसी तरह की जनहानि हुई।
इस बड़े हादसे से सबक लेते हुए स्थानीय प्रशासन अब पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। प्रशासन की टीमों ने तुरंत पूरे पंडाल की सुरक्षा जांच शुरू कर दी है। दरसल, अधिकारियों का कहना है कि पंडाल में बिछाई गई बिजली की पूरी वायरिंग और आग बुझाने वाले सिलेंडरों की दोबारा से जांच की जा रही है ताकि आगे होने वाले कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।

