मध्य प्रदेश के शिवपुरी में राशन विक्रेता संघ के बैनर तले राशन विक्रेताओं का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन देखने को मिला। यहां पर ये सभी अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर एक साथ कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंचे। इन सभी ने डॉ मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा है।
जानकारी के मुताबिक संघ का कहना है कि उनकी मांगो पर लंबे समय से कोई विचार नहीं किया जा रहा है। अगर समय सीमा में उनकी मांगों का निराकरण नहीं होता है तो वह आंदोलन कर हड़ताल करेंगे। दुकानदारों का कहना है कि कम कमीशन की वजह से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
कमीशन को लेकर विरोध
राशन विक्रेताओं की जो प्रमुख मांगे हैं। उनमें से एक खाद्यान्न वितरण पर मिलने वाला कमिशन भी है। उनका कहना है कि कमीशन को बढ़ाकर कम से कम 200 रुपए प्रति क्विंटल किया जाना चाहिए। इसके अलावा राशन विक्रेता को न्यूनतम 40 हजार रुपए प्रति महीने आय की गारंटी देने की मांग भी की गई है।
राशन विक्रेताओं का कहना है कि दूसरे राज्यों की तुलना में मध्य प्रदेश में कम कमीशन दिया जा रहा है। बिहार में 258 रुपए दिल्ली में 200 रुपए, महाराष्ट्र में 170 और केरल में 270 रूपए दिए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में काम कमीशन होने की वजह से दुकानों का संचालन करना मुश्किल हो रहा है। दुकानदारों के बीच इस वजह से आर्थिक संकट बना हुआ है।
ये भी है मांग
दुकानदारों की अन्य मांगों में सेवा सहकारी समिति और वन समिति के अधीन काम करने वाले विक्रेताओं को दिए जाने वाले कमीशन का भुगतान समय पर करने के निर्देश देने की मांग भी की गई है।
मांगे ना मानने पर आंदोलन की चेतावनी
संघ की ओर से प्रशासन को यह चेतावनी दी गई है कि अगर उनकी मांगों का जल्द से जल्द निराकरण नहीं किया जाएगा तो प्रदेश भर के राशन विक्रेता आंदोलन पर उतर जाएंगे। संघ ने ये चेतावनी दीदी है कि वह आदिवासी आंदोलन और हड़ताल करने वाले हैं। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि उनकी मांगों का समाधान जल्द किया जाएगा।






