सीधी में दूध में पानी मिलाने का कथित वीडियो सामने आने के बाद दूध खरीदने वाले लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। वायरल वीडियो बघबारी-बंजारी गांव का बताया जा रहा है, जिसमें कुछ दूध व्यापारियों पर सड़क किनारे हैंडपंप से पानी लेकर दूध में मिलाने का आरोप लगाया जा रहा है।
हालांकि, वीडियो में दिख रहे लोगों और दूध में मिलावट के दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर से दूध के सैंपल लेने और उनकी जांच कराने की बात कही है।
दूध में पानी मिलाने का VIDEO वायरल होने से बढ़ी चिंता
सीधी जिले में दूध को लेकर सामने आया यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद चर्चा में आया। बताया जा रहा है कि वीडियो बघबारी-बंजारी गांव के आसपास का है। इसमें कथित तौर पर कुछ दूध व्यापारी सड़क किनारे लगे हैंडपंप से पानी लेते और उसे दूध में मिलाते नजर आ रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने दूध की गुणवत्ता पर सवाल उठाए तो कुछ ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
हैंडपंप से पानी लेकर दूध में मिलाने का आरोप
वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि मझौली चौफाल की तरफ से आने वाले कुछ दूध व्यापारी सड़क किनारे रुकते हैं और हैंडपंप से पानी लेकर दूध में मिलाते हैं। वीडियो में दिखाई देने वाली गतिविधि को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं।
फिर भी, मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि दूध रोजमर्रा की जरूरत की चीज है। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक बड़ी संख्या में लोग दूध का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा चाय, मिठाई, दही, पनीर और दूसरी खाद्य चीजों में भी दूध का इस्तेमाल होता है। ऐसे में दूध की गुणवत्ता को लेकर किसी भी तरह की शिकायत को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
बढ़े दूध के दाम के बीच सामने आया मामला
सीधी में दूध की कीमतों को लेकर भी हाल में लोगों के बीच चर्चा रही है। जानकारी के मुताबिक, दुग्ध व्यापारियों की हड़ताल के बाद दूध का भाव करीब 50 रुपये से बढ़कर 70 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है।
यानी उपभोक्ता पहले की तुलना में ज्यादा कीमत चुका रहे हैं। इसी दौरान दूध में पानी मिलाने का कथित वीडियो सामने आने से लोगों की नाराजगी बढ़ना स्वाभाविक है। लोगों का सवाल सीधा है कि अगर दूध महंगा हो रहा है तो उसकी गुणवत्ता की निगरानी भी मजबूत होनी चाहिए।
होटल और मिठाई कारोबार पर भी पड़ सकता है असर
दूध की गुणवत्ता का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं रहता। सीधी में होटल, चाय की दुकान, मिठाई की दुकान और अन्य खाद्य कारोबार में भी बड़ी मात्रा में दूध का इस्तेमाल होता है।
अगर किसी इलाके में दूध की गुणवत्ता को लेकर शिकायत सामने आती है तो ऐसे कारोबारियों के सामने भी समस्या खड़ी हो सकती है। उन्हें यह देखना पड़ता है कि जिस दूध का इस्तेमाल वे मिठाई, चाय, दही या दूसरे खाद्य पदार्थ बनाने में कर रहे हैं, उसकी गुणवत्ता ठीक है या नहीं।
स्वास्थ्य विभाग करेगा जिलेभर में दूध की सैंपलिंग
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में दूध के सैंपल लेने और उनकी जांच कराने की बात कही है। अब इस कार्रवाई से यह पता चल सकेगा कि वायरल वीडियो में लगाए गए मिलावट के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
सैंपलिंग के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से दूध के नमूने लिए जा सकते हैं। जांच रिपोर्ट में दूध की गुणवत्ता और उसमें मिलावट से जुड़े तथ्यों की जानकारी सामने आएगी। यदि किसी नमूने में नियमों के खिलाफ मिलावट मिलती है तो संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।






