कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के एक विवादित बयान को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। अनुसूचित वर्ग की महिलाओं पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सिंगरौली के अंबेडकर चौक पर उग्र प्रदर्शन किया और विधायक का पुतला फूंका।
प्रदर्शन में राज्य सरकार की मंत्री समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। भाजपा ने बरैया की तत्काल विधानसभा सदस्यता खत्म करने और उन्हें कांग्रेस पार्टी से निष्कासित करने की मांग की है।
इस बयान पर मचा है बवाल
दरअसल, कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने हाल ही में ‘रुद्रयामल तंत्र’ नामक एक धर्मग्रंथ का हवाला देते हुए अनुसूचित वर्ग की महिलाओं और लड़कियों को लेकर एक बेहद अभद्र टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि इस ग्रंथ में लिखा है कि अनुसूचित वर्ग की कन्या से सहवास करने पर काशी तीर्थ का फल मिलता है, और इसी कारण दलित और आदिवासी लड़कियों के साथ बलात्कार की घटनाएं ज्यादा होती हैं। उनके इस बयान के बाद से ही चौतरफा निंदा हो रही है और महिलाओं में भारी आक्रोश है।
‘मानसिक रूप से अस्थिर हैं बरैया’: BJP
भाजपा जिलाध्यक्ष सिंगरौली के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में पंचायत विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह और देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम विशेष रूप से उपस्थित रहे। महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सीमा जायसवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बरैया के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भाजपा नेताओं ने कहा कि फूल सिंह बरैया की मानसिक स्थिति संतुलित नहीं है और उनकी मानसिकता महिला एवं दलित विरोधी है।
“स्वयं दलित समाज का प्रतिनिधित्व करने वाला और दो बेटियों का पिता ऐसी घृणित बात कहे, यह समझ से परे है। अगर कांग्रेस ऐसे विधायक पर कार्रवाई नहीं करती तो यह साबित हो जाएगा कि वह भी महिला और दलित विरोधी है। ऐसे लोग समाज पर कलंक हैं।” — भाजपा नेता
नेताओं ने आगे कहा कि ऐसे लोगों को समाज से बहिष्कृत कर देना चाहिए और दलित समुदाय को भी इनसे दूरी बनानी चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष विनोद चौबे, जिला महामंत्री विक्रम सिंह, संदीप झा, मधु झा, किरण सोनी, कमलेश वैश्य समेत पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
राघवेंद्र गहरवार





