सार्थक ऐप से कोरोना मरीजों की होगी मॉनिटरिंग, जिले की सीमाएं हुई सील

सार्थक ऐप से कोरोना मरीजों की होगी मॉनिटरिंग, जिले की सीमाएं  हुई सील

सिंगरौली//राघवेन्द्र सिंह गहरवार

मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के अन्दर बाहरी लोगों का प्रवेश पूर्णतया प्रतिबंधित, सार्थक मोबाइल ऐप से होगी COVID-19 मरीजों की निगरानी कोरोना वायरस के प्रकोप से सिंगरौली जिले के लोगो को बचाने और फैलने से रोकने के लिए सिंगरौली के कलेक्टर केवीएस चौधरी ने जिले के बाहर से जिले के अंदर प्रवेश कर रहे व्यक्तियों के संबंध में निर्देश जारी किए है। जिले के बाहर से आने वाले व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णतया प्रतिबंधित होगा। जो जहाँ हैं वहीं पर रहे, क्योंकि यदि कोई जिले की सीमा तक आ भी गए तो उन्हें वहां क्वॉरेंटाइन छात्रावासों में 14 दिन गुजारने पड़ेंगे, जहाँ उन्हें खाने पीने की हर व्यवस्था की जाएगी और उसके बाद ही जिले की सीमा में प्रवेश कर सकेंगे

कोरोना रोग से बचाने के लिए जारी किया गया आदेश

कोरोना रोग संक्रमण से जिले को बचाने के लिए जिला कलेक्टर ने सभी को ये आदेश जारी किया है और इस आदेश का पालन कराए जाने के निर्देश दिए है। जिले के सीमाओं पर क्वॉरेंटाइन छात्रावास बनाए गए हैं जहां पर जिले से बाहर की सीमा से आ रहे लोगों को रोककर उन्हें 14 दिन वहां रखने के बाद ही जिले के अंदर भेजा जाएगा।

उत्तरप्रदेश व छत्तीसगढ़ की सीमा से लगा हुआ है सिंगरौली

आपको बता दें कि सिंगरौली जिला उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार की सीमा से सटा हुआ जिला है।जहां कई औद्योगिक कंपनियां स्थित है और उत्तर प्रदेश और अन्य प्रदेशों से सटे कई जगहों पर औद्योगिक कंपनियों में जिले के मजदूर काम कर रहे हैं और लगातार वह अपने घरों की ओर पलायन कर रहे हैं जिसके मद्देनजर हालात सुरक्षित रहे इसलिए जिला कलेक्टर के द्वारा इस तरह का आदेश जारी किया गया है ताकि कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा देश कोरोना पर विजयी पा सके बरहाल देश में बढ़ते हुए कोरोनावायरस के संक्रमित मरीजों की संख्या को मद्दे नजर रखते हुए जिला कलेक्टर सिंगरौली के द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाया गया इस कदम के बाद जिले में बाहरी लोगों के आने जाने पर पूर्णता प्रतिबंध लगा दिया गया है वह बॉर्डर पर चाक चौकस व्यवस्था है पुलिस जवानों के साथ मेडिकल स्टाफ भी हर आने-जाने वाले पॉइंट पर निगरानी रखे हुए हैं।

सार्थक ऐप करेगा संभावित मरीजों की मॉनिटरिंग

राज्य शासन द्वारा COVID-19 के संभावित मरीजों की मानिटरिंग के लिए सार्थक नामक मोबाइल ऐप विकसित किया गया है। स्वास्थ्य आयुक्त प्रतीक हजेला ने सभी जिला कलेक्टर को निर्देशित किया है कि क्योरेंटाइन किए गए सभी संभावित मरीज और कोरोना पॉजिटिव मरीजों को इस एप पर रजिस्टर कर उनकी प्रतिदिन मानिटरिंग सुनिश्चित की जाए। मैप आईटी द्वारा विकसित इस एप में होम क्योरेंटाइन व्यक्ति की यूजर आई.डी. बनाकर उसका रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। एप से व्यक्ति की जियो मैपिंग होगी और उसकी गतिविधियाँ भी चिन्हित की जा सकेंगी।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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