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उड़ती राख के साथ कलेक्टर का आदेश हवा में, नियमों की अनदेखी कर हो रहा परिवहन, पढ़ें खबर

Written by:Atul Saxena
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गीली राख सूखने के बाद जरा सी हवा के चलने पर लोगों की सांसों में समा रही है। दुकानों में उडकऱ खाद्य सामग्री को दूषित करने सहित अन्य सामानों को खराब कर रही है। हैरत की बात यह है कि वस्तुस्थिति से वाकिफ अधिकारी कोई सख्त कदम उठाने की जरूरत नहीं समझ रहे हैं।
उड़ती राख के साथ कलेक्टर का आदेश हवा में, नियमों की अनदेखी कर हो रहा परिवहन, पढ़ें खबर

Singrauli News : ऊर्जाधानी के नाम से विख्यात सिंगरौली जिला अब प्रदूषण में अपनी पहचान बना चुका है इसके बावजूद जिम्मेदार इसे मानने को तैयार नहीं हैं। जिले में उद्योग तो बहुत सारे संचालित हैं परन्तु नियमों की अनदेखी की वजह से जिले में दिनों दिन वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। जिसके  उदाहरण दिनभर सड़कों पर देखे जा सकते हैं।

जिले में बलियरी स्थित ऐश डैक से हैवी वाहनों द्वारा ऐश का गलियों से होते हुये शहर की मुख्य सड़कों से परिवहन किया जाता है परन्तु नियमों की अनदेखी की वजह से सड़कों पर अब राख बिखरा हुआ दिखायी देता है। आलम यह है कि सड़कों, गलियों में चलने वाले राखड़ (राख) से भरे भारी वाहन बेखौफ नियमों को दरकिनार करते हुये बिना ढंके राख का परिवहन करते हैं और सड़कों पर राख बिखर जाती है।

हवा के साथ घरों में घुस रही राख 

जिन सड़कों से उक्त वाहन गुजरते हैं वहां प्रदूषण से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। राख परिवहन करने वाले वाहन जगह – जगह उसे गिरा रहे हैं जो थोड़ी सी हवा चलने पर राख उड़कर घरों में घुस रहा है जो घरों व दरवाजे के सामने में रहना दुश्वार हो गया। स्थानीय लोग बताते हैं कि यह मामला कोई पहला नहीं है इसके पूर्व भी स्थानीय लोगों द्वारा प्रशासन से शिकायत की गयी जिसका अब तक निदान नहीं किया गया।

नियमों की खुलेआम उड़ाई जा रही धज्जियां

जानकार बताते है कि बंद कन्टेनर ट्रक हाइवा वाहन से राख परिवहन करने का प्रावधान है इसके बावजूद नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है जिससे स्थानीय – आमजन व राहगीर काफी परेशान हैं। दुकानदार व दो पहिया वाहन चालक परेशान हैं

ओवरलोड गीली राख का बलियरी से रीवा हो रहा परिवहन

एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के निर्देश और प्रशासन से फ्लाईऐश के परिवहन के लिए दी गई अनुमति में स्पष्ट किया गया है कि फ्लाईऐश का परिवहन विकल्प के तौर पर बल्कर जैसे बंद वाहनों में किया जाए। स्थाई परिवहन के लिए पाइप लाइन की व्यवस्था की जाए, लेकिन फ्लाईऐश के परिवहन में जारी निर्देशों व शर्तों को दरकिनार कर दिया गया है। विंध्यनगर परियोजना के बलियरी सहित अन्य फ्लाईऐश डैम से सडक़ मार्ग के जरिए डंपर व हाइवा जैसे खुले वाहनों में फ्लाईऐश का परिवहन किया जा रहा है। इसका खामियाजा सडक़ के किनारे बसे रहवासी, दुकानदार व दो पहिया वाहनों से चलने वाले लोग भुगत रहे हैं। फ्लाईऐश का परिवहन करने वाले वाहन गीली फ्लाईऐश को सडक़ पर बिखेरते हुए जाते हैं।

जन प्रतिनिधियों ने घेराव की चेतावनी दी, कलेक्टर ने जाँच का आश्वासन दिया 

सीपीआई पार्टी के प्रदेश सदस्य राजकुमार शर्मा ने कहा है कि जल्द सड़को पर रोजाना गिर रहे राखड़ व ओवरलोड राखड़ का परिवहन पर कार्यवाही नहीं हुई तो वो कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे। उधर राख का नियम विरुद्ध परिवहन होने के सवाल पर सिंगरौली जिला कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला ने मामले की जाँच करा कर कार्यवाही का भरोसा दिलाया है।

 

 

सिंगरौली से राघवेन्द्र सिंह गहरवार की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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