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मौत का भी सौदा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सर्पदंश लिखने के लिए डॉक्टर ने मांगी 1 लाख रुपये रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ दबोचा

Written by:Atul Saxena
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आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में सर्पदंश से मौत पर मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये आर्थिक सहायता सरकार देती है, इसे देखते हुए डॉक्टर और सुपरवाइजर ने पीड़ित महिला से 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी यानि डॉक्टर मौत पर सौदा करने से नहीं घबराया जबकि डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया जाता है।
मौत का भी सौदा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सर्पदंश लिखने के लिए डॉक्टर ने मांगी 1 लाख रुपये रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ दबोचा

lokayukta police action

लोकायुक्त पुलिस ने एक बार फिर रिश्वतखोर को रंगे हाथ पकड़ा है, आज का एक्शन रीवा लोकायुक्त पुलिस की टीम ने लिया, लोकायुक्त ने मौत का सौदा करने वाले एक भ्रष्ट डॉक्टर और सुपरवाइजर को 30000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोचा है।  डॉक्टर और सुपरवाइजर ने मृतक की विधवा पत्नी से 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी और पहली क़िस्त लेते पकड़ा गया ।

लोकायुक्त पुलिस रीवा की टीम ने सिंगरौली जिले के चितरंगी स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमरजीत सिंह और सुपरवाइजर राजकुमार वैश्य को 30,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत पीएम रिपोर्ट में सर्पदंश लिखने के एवज में मांगी गई थी।

पीएम रिपोर्ट में सर्पदंश लिखने मांगी 1 लाख रुपये रिश्वत  

लोकायुक्त पुलिस रीवा के निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया ने बताया कि बगैया गांव की फूलमती सिंह ने 30 सितंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी। उनके पति जयपाल सिंह की मौत जून महीने में सांप के काटने से हुई थी। पीएम रिपोर्ट में सर्पदंश दर्ज करने के लिए डॉ. अमरजीत सिंह और राजकुमार वैश्य ने कुल एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। बता दें सर्पदंश से मौत होने पर सरकार 4 लाख रुपये आर्थिक सहायता मृतक के परिजनों को देती है।

लोकायुक्त पुलिस ने स्वास्थ्य केंद्र में दबोचा

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त संभाग रीवा के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार ने शिकायत का सत्यापन करवाया। रिश्वत की मांग की पुष्टि होने पर एक टीम गठित की गई। शुक्रवार को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर डॉ. अमरजीत सिंह को 30,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।

सिंगरौली से राघवेन्द्र सिंह गहरवार की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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