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सिंगरौली में लोगों से करोड़ों की धोखाधड़ी, प्रबंधक को किया पुलिस के हवाले, ऐसे जीता था भरोसा

Written by:Sanjucta Pandit
Published:
स्वामी विवेकानंद मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसाइटी नामक चिटफंड कंपनी निवेशकों का करीब 100 करोड़ से ज्यादा लेकर फरार होने के फिराक में हैं। लंबे समय से कंपनी द्वारा हजारों लोगों से करोड़ों रुपये जमा करवाए गए हैं। निवेशकों ने धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
सिंगरौली में लोगों से करोड़ों की धोखाधड़ी, प्रबंधक को किया पुलिस के हवाले, ऐसे जीता था भरोसा

Singrauli News : मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जब चिटफंड कंपनी के प्रबंधक को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। जिस पर लुभावने ऑफर देकर करोड़ों रुपए की ठगी करने का आरोप लगाया गया है। लोगों का कहना है कि चिटफंड कंपनी के एजेंट लोगों को ज्यादा मुनाफा देने का लालच देते थे और उनसे निवेश करवाते थे। फिलहाल, पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला पंजीबद्ध कर लिया है। साथ ही आगे की कार्रवाई भी जा रही है।

स्वामी विवेकानंद मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसाइटी नामक चिटफंड कंपनी निवेशकों का करीब 100 करोड़ से ज्यादा लेकर फरार होने के फिराक में हैं। लंबे समय से कंपनी द्वारा हजारों लोगों से करोड़ों रुपये जमा करवाए गए हैं। निवेशकों ने धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।

जानें पूरा मामला

कंपनी की एजेंट राजकुमार बैस ने आरोप लगाया कि आरती बंसल और अनुराग बंसल पहले ऑप्शन नाम की चिटफंड कंपनी में लोगों का निवेश कराया। कुछ दिनों बाद यह लोग कंपनी का नाम बदल दिए। यह लोग दूसरी बार स्वामी विवेकानंद मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटी से लोगों से निवेश कराने लगे। कंपनी के कर्ताधर्ता अनुराग बंसल ने लोगों को कम समय में पैसे डबल कराने की गारंटी ली। हजारों लोगों को एडवाइजर बनकर 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश कराया। इस दौरान बैस ने कहा कि मेरा खुद का करीब 2 करोड़ रुपए और मेरी टीम का 7 से 8 करोड़ रुपए कंपनी में जमा है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से कलेक्टर के आदेश के बाद कंपनी बंद हो गई।

निवेशकों में हड़कंप

इसके बाद कंपनी के फरार होने की खबर सुनकर निवेशकों में हड़कंप मच गया। लोग चिटफंड कंपनी के दफ्तर पहुंचे, जहां उन्हें ताले लटके हुए मिले। कंपनी के संचालकों का नंबर भी स्विचऑफ मिला। फिर निवेशक कंपनी के स्थानीय प्रबंधक की तलाश में लगे रहे। जिन्हें आज पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। साथ ही अधिकारियों से निवेश की रकम दिलाने की मांग की।

ऐसे जीता भरोसा

उद्योगिक कंपनियों के आने के बाद जिले में कई चिटफंड कंपनियां आ गई। इस दौरान भोले-भाले ग्रामीणों को साल, 2 साल में दोगुना रकम का प्रलोभन देकर करोड़ों रूपये निवेशकों को करवाकर रफूचक्कर हो गए। करीब ऐसे कुछ मामले कोतवाली बैदन में चिटफंड कंपनियों के खिलाफ पंजीबद्ध है। वहीं, पुलिस और जिला प्रशासन ने इस संबंध में कई बार अपील भी की गई है कि ऐसी कंपनियों के बहकावे में लोग न आए। बता दें कि कोरोना काल के दौरान जहां पूरे जिले के लोग घर में बैठे थे। उस दौरान आरती बंसल और अनुराग बंसल सामाजिक कार्यकर्ता वन लोगों का भरोसा जीतने में लगे रहे। दोनों जरूरतमंदों की मदद करने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते नजर आते थे। वह कभी संस्थानों में सैनिटाइजर मशीन, तो कभी जरूरतमंदों को सेनीटइजर के अलावा खाने-पीने की सामग्री लेकर पहुंच जाते थे।

सिंगरौली, राघवेन्द्र सिंह गहरवार

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