मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के सरई क्षेत्र में सहारा इंडिया के निवेशकों का गुस्सा खुलकर सामने आया। वर्षों से अपनी जमा पूंजी वापस मिलने का इंतजार कर रहे सैकड़ों निवेशकों ने रैली निकालकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सहारा इंडिया के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर सरई तहसील कार्यालय एवं स्थानीय पुलिस थाने पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। निवेशकों ने जल्द से जल्द उनकी जमा राशि वापस दिलाने की मांग करते हुए प्रशासन से ठोस कार्रवाई की अपील की।
वर्षों से भुगतान का इंतजार कर रहे हैं निवेशक
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बताया कि उनकी जमा राशि लंबे समय से फंसी हुई है। उनका कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों और प्रशासन के सामने अपनी बात रखी गई, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली। इससे निवेशकों में निराशा और नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
पीड़ितों का कहना है कि उनकी जमा पूंजी परिवार की जरूरतों और भविष्य की सुरक्षा के लिए थी। पैसा वापस नहीं मिलने से कई लोगों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि अब जल्द समाधान होना जरूरी है।
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
सहारा इंडिया के पीड़ित निवेशकों ने रैली निकालने के बाद तहसील कार्यालय और पुलिस थाने पहुंचकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शासन और प्रशासन से मांग की गई कि फंसी हुई राशि का भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए और पूरी प्रक्रिया को आसान बनाया जाए ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
निवेशकों ने यह भी मांग की कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता या धोखाधड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि दोषियों पर कार्रवाई होने से लोगों का भरोसा फिर से मजबूत होगा।
25 दिन में भुगतान नहीं मिला तो होगा अनिश्चितकालीन धरना
आंदोलन कर रहे लोगों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि यदि अगले 25 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई और भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया तो 25 अगस्त 2026 से सरई के शिव मंदिर परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी जमा राशि वापस नहीं मिल जाती। उनका कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं कई परिवार
निवेशकों का कहना है कि सहारा इंडिया में जमा पैसा वापस नहीं मिलने का असर सीधे उनके परिवारों पर पड़ रहा है। कई लोगों को बच्चों की पढ़ाई, इलाज और अन्य जरूरी खर्च पूरे करने में कठिनाई हो रही है। उनका कहना है कि वर्षों की बचत फंसी होने से उनका आर्थिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया है।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि उन्होंने भरोसे के साथ निवेश किया था। अब उन्हें उम्मीद है कि सरकार और प्रशासन इस मामले में गंभीरता दिखाएंगे और जल्द समाधान निकालेंगे।
अब प्रशासन के अगले कदम पर नजर
फिलहाल निवेशकों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को समय दिया है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि भुगतान प्रक्रिया को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं। यदि तय समय के भीतर कोई समाधान नहीं निकलता है तो 25 अगस्त से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरना इस आंदोलन को और बड़ा रूप दे सकता है।
सहारा इंडिया से जुड़ा यह मामला एक बार फिर उन हजारों निवेशकों की चिंता सामने लेकर आया है जिनकी जमा पूंजी वर्षों से अटकी हुई है। अब सभी की नजर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर बनी हुई है।






