सिंगरौली जिले में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश पर मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय, सिंगरौली ने मेसर्स त्रिमुला इंडस्ट्रीज लिमिटेड, गोंदवाली की उत्पादन प्रक्रिया बंद करने का प्रस्ताव बोर्ड मुख्यालय भोपाल को भेजा है। साथ ही उद्योग पर लगभग 19.80 लाख रुपये का जुर्माना (पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति) लगाने की भी सिफारिश की गई है।
क्षेत्रीय अधिकारी के अनुसार 9 जुलाई को संयुक्त निरीक्षण के दौरान उद्योग में पर्यावरणीय मानकों के गंभीर उल्लंघन पाए गए। जांच में प्रदूषण नियंत्रण उपकरण प्रभावी ढंग से संचालित नहीं मिले, जिससे वायु गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी। सतत परिवेशीय वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली में पीएम-10 और पीएम-2.5 का स्तर निर्धारित सीमा से अधिक दर्ज किया गया। वहीं पावर प्लांट के पास लगा वायु गुणवत्ता विश्लेषक भी बंद मिला।
चिमनी से अत्यधिक काला धुआं निकलता मिला
निरीक्षण में डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन (डीआरआई) संयंत्र में ईएसपी और एयर कंप्रेसर पूर्ण क्षमता से संचालित नहीं पाए गए, जिससे चिमनी से अत्यधिक काला धुआं निकलता मिला। इसके अलावा खुले में फ्लाई आयरन डस्ट और ठोस अपशिष्ट का भंडारण, खतरनाक अपशिष्ट के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था का अभाव तथा सुरक्षा मानकों की अनदेखी भी सामने आई।
पूर्व में जारी क्लोजर नोटिस की शर्तों का भी पूर्ण पालन नहीं मिला
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया कि उद्योग पूर्व में जारी क्लोजर नोटिस की शर्तों का भी पूर्ण पालन नहीं कर पाया है। इन तथ्यों के आधार पर बोर्ड मुख्यालय को वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31(क) के तहत उद्योग की उत्पादन प्रक्रिया बंद करने और पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है।






