मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के सासन चौकी क्षेत्र स्थित सिंगरौलिया गांव में रविवार को मौसम ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। तेज आंधी और बारिश के बीच मिट्टी के मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के वक्त परिवार के तीन सदस्य घर के अंदर सो रहे थे। मलबे में दबने से 9 वर्षीय कल्पना साकेत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम भी पहुंच गई। घायलों को एम्बुलेंस की मदद से बैढ़न जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिवार सदमे में है।
तेज तूफान में ढहा मिट्टी का मकान
बताया जा रहा है कि रविवार को सिंगरौलिया गांव में अचानक मौसम बदल गया। तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान परिवार के मिट्टी के मकान की एक दीवार कमजोर होकर गिर पड़ी। दीवार सीधे उस कमरे पर गिरी, जहां परिवार के सदस्य आराम कर रहे थे। हादसे में 9 वर्षीय कल्पना साकेत की जान चली गई, जबकि ललन और 6 वर्षीय रंजीत गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे की आवाज सुनकर ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सासन चौकी प्रभारी संदीप नामदेव के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि तेज आंधी और बारिश के कारण मिट्टी की दीवार गिरने से यह हादसा हुआ। पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच जारी है।
मौसम का कहर और कच्चे मकानों की चुनौती
बरसात के मौसम में कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए खतरा कई गुना बढ़ जाता है। लगातार बारिश से मिट्टी की दीवारें कमजोर हो जाती हैं और तेज हवा या पानी के दबाव से कभी भी ढह सकती हैं। ग्रामीण इलाकों में आज भी बड़ी संख्या में लोग ऐसे मकानों में रहने को मजबूर हैं, जहां प्राकृतिक आपदा के दौरान जान का खतरा बना रहता है।






