सिंगरौली: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक तिरंगे के अपमान की एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां खुटार स्थित एक सरकारी प्राथमिक स्कूल में फटा हुआ राष्ट्रध्वज फहरा दिया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया।
मामला सिंगरौली के खुटार स्थित शासकीय प्राथमिक पाठशाला (पूर्व टोला) का है। स्थानीय लोगों ने जब स्कूल परिसर में फटे हुए झंडे को लहराते देखा तो उन्होंने इसकी सूचना अधिकारियों को दी। यह कृत्य न केवल ध्वज संहिता का उल्लंघन है, बल्कि इसने स्थानीय लोगों की राष्ट्रीय भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुंचाई है।
शिक्षक ने दी फंड की कमी की दलील
जब इस गंभीर लापरवाही पर विद्यालय के शिक्षक रेवतीरमण से सवाल किया गया, तो उन्होंने एक हैरान करने वाला जवाब दिया। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि विद्यालय में कोई फंड नहीं आता है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या फंड की कमी को राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का कारण बनाया जा सकता है?
प्रशासन हरकत में, जांच शुरू
मामला तूल पकड़ने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एसबी सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि इस पर कार्रवाई चल रही है।
“मामले में कार्यवाही चल रही है।” — एसबी सिंह, DEO, सिंगरौली
वहीं, जिला परियोजना समन्वयक (DPC) रामलखन शुक्ला ने भी पुष्टि की है कि डीईओ ने इस संबंध में एक रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि भारतीय ध्वज संहिता के अनुसार, किसी भी तरह से क्षतिग्रस्त या मैले-कुचैले तिरंगे को फहराना एक दंडनीय अपराध है। ऐसे में एक सरकारी स्कूल में इस तरह की घटना शिक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।





