टी20 क्रिकेट को हमेशा से ही तेज रन बनाने के लिए जाना जाता है लेकिन आईपीएल में कुछ पारियां ऐसी भी रही हैं जहां बल्लेबाजों ने काफी समय लेकर शतक पूरा किया है। दरअसल 67 गेंदों में बना शतक आईपीएल का सबसे धीमा शतक माना जाता है जो विराट कोहली और मनीष पांडे के नाम दर्ज है।

दरअसल आईपीएल के इतिहास में सबसे धीमा शतक 67 गेंदों में बना है। बता दें कि विराट कोहली ने 2024 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ यह शतक लगाया था जबकि मनीष पांडे ने 2009 में डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ इतनी ही गेंदों में सेंचुरी पूरी की थी।

इन खिलाड़ियों का नाम भी है इस लिस्ट में शामिल

वहीं इस लिस्ट में क्रिकेट के भगवन कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का नाम भी शामिल है बता दें कि सचिन तेंदुलकर ने 2011 में 66 गेंदों में शतक बनाया था। केएल राहुल ने 2019 में 64 गेंदों में और अंबाती रायडू ने 2018 में 62 गेंदों में शतक लगाया था। यह आंकड़े दिखाते हैं कि हर बार तेज खेल ही काम नहीं आता, कभी-कभी परिस्थितियों के अनुसार धीमी पारी भी जरूरी होती है।

क्यों बनते हैं धीमे शतक?

दरअसल आईपीएल जैसे टी20 टूर्नामेंट में धीमा शतक बनाना अक्सर सवालों के घेरे में आ जाता है मगर इसके पीछे कई वजहें होती हैं। कई बार टीम की स्थिति ऐसी होती है कि विकेट बचाना ज्यादा जरूरी होता है खासकर तब जब शुरुआत में जल्दी विकेट गिर जाएं। वहीं ऐसे में एक बल्लेबाज एंकर की भूमिका निभाता है और धीरे-धीरे पारी को संभालते हुए अंत तक जाता है। विराट कोहली और केएल राहुल जैसे बल्लेबाज कई बार टीम को स्थिरता देने के लिए धीमी शुरुआत करते हैं और बाद में रन रेट बढ़ाने की कोशिश करते हैं। हालांकि, टी20 के मौजूदा दौर में जहां स्ट्राइक रेट पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है, वहां ऐसी पारियों की आलोचना भी होती है।

दरअसल अगर एक खिलाड़ी धीमी पारी खेल रहा है तो दूसरे छोर पर तेज रन बनाने वाला बल्लेबाज होना जरूरी होता है। वहीं इसी तालमेल से टीम बड़ा स्कोर खड़ा कर सकती है। ऐसे में इन धीमे शतक को सिर्फ नेगेटिव नजरिए से देखना सही नहीं होता है।