अहमदाबाद में भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले ICC मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 फाइनल से पहले सुरक्षा व्यवस्था को उच्च स्तर पर ले जाया गया है। शहर पुलिस ने साफ किया है कि मैच के दौरान स्टेडियम परिसर, एंट्री पॉइंट्स और आसपास के रूट्स पर सघन निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था की गुंजाइश न रहे।
“मैच के लिए व्यापक पुलिस बंदोबस्त किया गया है। 121 से ज्यादा पुलिस अधिकारी और 2000 से अधिक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर रहेंगे।” — नीरज कुमार बडगुजर, जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, अहमदाबाद सिटी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस बार भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस रखा गया है। स्टेडियम में प्रवेश से पहले दर्शकों की आवाजाही को चरणबद्ध रखने के लिए पहली बार होल्डिंग एरिया बनाया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि एक साथ बड़ी संख्या में पहुंचने वाले लोगों को नियंत्रित तरीके से गेट तक भेजा जाए और अचानक भीड़ का दबाव न बने।
गेट नंबर 1 और 2 पर अतिरिक्त व्यवस्था
प्रशासन ने अनुमान जताया है कि गेट नंबर 1 और 2 पर सबसे ज्यादा दबाव रह सकता है। इसी वजह से इन दोनों प्रवेश बिंदुओं पर विशेष बैरिकेडिंग की गई है और अतिरिक्त पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि व्यवस्था का लक्ष्य केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि दर्शकों की सुगम एंट्री भी है।
मैदान में जबरन घुसने की कोशिश करने वालों और टिकट की कालाबाजारी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने कहा है कि सुरक्षा नियम तोड़ने पर मौके पर ही कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
300 से ज्यादा CCTV कैमरों से रीयल-टाइम निगरानी
स्टेडियम परिसर में 300 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए दर्शकों की गतिविधियों, स्टैंड एरिया, एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स और संवेदनशील जगहों पर लगातार नजर रखी जाएगी। निगरानी व्यवस्था का मकसद सिर्फ घटना के बाद कार्रवाई नहीं, बल्कि संभावित जोखिम की पहले पहचान करना भी है।
इसके साथ ही VVIP मूवमेंट और बैठने की व्यवस्था को लेकर अलग सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया गया है। पुलिस के अनुसार फाइनल मैच के कारण अलग-अलग शहरों से बड़ी संख्या में दर्शक अहमदाबाद पहुंच रहे हैं, इसलिए मुख्य मार्गों और स्टेडियम लिंक रोड पर यातायात प्रबंधन को भी सुरक्षा योजना में शामिल किया गया है।
मेट्रो स्टेशनों और शहर के ट्रैफिक पर भी फोकस
मैच दिवस पर मेट्रो स्टेशनों, पार्किंग जोन और स्टेडियम से जुड़े कॉरिडोर में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग के साथ ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए गए हैं, ताकि इमरजेंसी वाहन और नियमित यातायात दोनों का संचालन प्रभावित न हो।
अधिकारियों का कहना है कि पूरे ऑपरेशन का उद्देश्य दर्शकों को सुरक्षित, व्यवस्थित और नियंत्रित माहौल देना है। पुलिस और ट्रैफिक यूनिट की संयुक्त निगरानी मैच के शुरू होने से पहले और खत्म होने के बाद भी जारी रहेगी, क्योंकि वास्तविक दबाव अक्सर एंट्री और एग्जिट की अवधि में सबसे ज्यादा आता है।
कुल मिलाकर, अहमदाबाद प्रशासन ने इस हाई-प्रोफाइल फाइनल के लिए सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन को एकीकृत मॉडल में लागू किया है। अब फोकस इस पर है कि लाखों की रुचि वाले इस मुकाबले के दौरान व्यवस्था बिना रुकावट चलती रहे और दर्शकों का अनुभव सुरक्षित बना रहे।






