शनिवार, 28 मार्च को आईपीएल 2026 का पहला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच खेला गया था। वहीं इस रोमांचक मुकाबले में विराट कोहली के बल्ले से निकली धमाकेदार पारी ने क्रिकेट प्रशंसकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। दरअसल कोहली के इस ‘विराट’ अवतार को देखने के बाद, टीम इंडिया और चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व धुरंधर बल्लेबाज अंबाती रायडू ने एक बड़ी मांग उठाई है। रायडू ने साफ शब्दों में कहा कि विराट कोहली को एक बार फिर भारतीय टेस्ट टीम का कप्तान बनाया जाना चाहिए। उनका मानना है कि कोहली अभी भी अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं और भारतीय टेस्ट क्रिकेट को उनकी नेतृत्व क्षमता की सख्त जरूरत है।

दरअसल, आरसीबी को इस मैच में 200 रन से अधिक का पहाड़ जैसा लक्ष्य मिला था। वहीं इस मुश्किल रन चेज़ में विराट कोहली ने अपनी बल्लेबाजी का अद्भुत प्रदर्शन किया। उन्होंने महज 38 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 69 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। कोहली ने इस पारी में 5 शानदार चौके और 5 गगनचुंबी छक्के जड़े। उनकी इस आतिशी पारी ने ना सिर्फ आरसीबी को आसानी से जीत दिलाई, बल्कि टीम को टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत भी दी।

जानिए रायडू ने क्या कहा?

विराट कोहली के इस प्रदर्शन से प्रभावित होकर, अंबाती रायडू ने ईएसपीएन पर अपनी राय रखी। जिसमें उन्होंने कहा कि कोहली अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर कतई नहीं हैं और उनमें अभी भी कम से कम 5-6 साल का क्रिकेट बाकी है। रायडू ने इस बात पर जोर दिया कि कोहली को तुरंत टेस्ट क्रिकेट में बतौर कप्तान वापसी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “मुझे कहीं से भी नहीं लगता कि वह अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर हैं। अब भी कम से कम 5-6 साल बाकी हैं। जैसा कि हम और संजय बातचीत कर रहे थे- उन्हें टेस्ट क्रिकेट में बतौर कप्तान वापसी करनी चाहिए। वह रेड बॉल क्रिकेट के बेस्ट कप्तान रहे हैं, जो मैंने बीते कुछ सालों में भारतीय क्रिकेट में देखा है। जिस तरह से वो बैटिंग कर रहे हैं, वो भारतीय क्रिकेट का नुकसान है।”

टेस्ट क्रिकेट से दूर रहना भारतीय टीम के लिए एक बड़ा नुकसान: रायडू

दरअसल रायडू ने अपने बयान में कोहली को ‘रेड बॉल क्रिकेट के बेस्ट कप्तान’ बताया, जिन्हें उन्होंने बीते कुछ सालों में भारतीय क्रिकेट में देखा है। उनके अनुसार, कोहली के पास टेस्ट क्रिकेट में टीम को जीत दिलाने की अद्भुत क्षमता है और उनकी आक्रामक सोच टीम को हमेशा आगे रखती है। रायडू ने यह भी जोड़ा कि कोहली जिस तरह की दमदार बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसे देखते हुए उनका टेस्ट क्रिकेट से बतौर कप्तान दूर रहना भारतीय टीम के लिए एक बड़ा नुकसान है। यह बयान भारतीय क्रिकेट के गलियारों में एक नई बहस को जन्म दे चुका है, जहां कोहली की कप्तानी वापसी पर गंभीर मंथन शुरू हो सकता है।

आरसीबी ने आसानी से किया विशाल लक्ष्य का पीछा

वहीं बेंगलुरु और हैदराबाद के बीच खेले गए इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद ने 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 201 रन का एक विशाल स्कोर खड़ा किया था। टीम के लिए कप्तान ईशान किशन ने सबसे बड़ी और आक्रामक पारी खेली। ईशान ने मात्र 38 गेंदों में 8 चौके और 5 छक्कों की मदद से ताबड़तोड़ 80 रन बनाए। उनकी यह पारी हैदराबाद को एक मजबूत स्थिति में ले गई। इसके अलावा, युवा और प्रतिभाशाली बल्लेबाज अनिकेत वर्मा ने भी अपनी तूफानी बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। अनिकेत ने सिर्फ 18 गेंदों का सामना करते हुए 3 चौके और 4 छक्कों की सहायता से 43 रन ठोके। वहीं इन दोनों बल्लेबाजों की विस्फोटक पारियों ने आरसीबी के सामने 200 रन से अधिक का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।

आसानी से हासिल किया लक्ष्य

वहीं 202 रनों के इस बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने सभी को चौंकाते हुए सिर्फ 15.4 ओवर में 4 विकेट खोकर 203 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। आरसीबी के बल्लेबाजों ने बिना किसी दबाव के इस लक्ष्य को हासिल किया। विराट कोहली की 69 रनों की नाबाद पारी तो अहम थी ही, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से युवा सलामी बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल का भी भरपूर साथ मिला। पडिक्कल ने सिर्फ 26 गेंदों में 7 चौके और 4 छक्कों की मदद से 61 रनों की एक और शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी ने रन चेज़ को तेज गति दी। इसके साथ ही, कप्तान रजत पाटीदार ने भी अपनी भूमिका बखूबी निभाई और सिर्फ 12 गेंदों में 2 चौके और 3 छक्कों की सहायता से तेजतर्रार 31 रन बनाए।