पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एक बयान ने राजस्थान की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। नेताओं के बेटों को सियासत से दूर रखने की उनकी सलाह पर विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने तीखा पलटवार किया है। दरअसल जोधपुर दौरे पर आए पटेल ने गहलोत पर तंज कसते हुए कहा, “जिनके घर शीशे के होते हैं, वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते।” यह बयान जोधपुर से उठकर अब पूरे प्रदेश की राजनीति में आग लगाता दिख रहा है। अशोक गहलोत ने हाल ही में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों को सलाह दी थी कि वे अपने बेटों को सरकार से दूर रखें। गहलोत के मुताबिक, ऐसा न करने पर सरकार की बदनामी होती है।
दरअसल उन्होंने कहा था, “जब चाहिए सरकार बनी है, कई तरह के आरोप लग रहे हैं, पता नहीं सरकार में बेटों को क्यों शामिल किया जा रहा है।” गहलोत का यह बयान मौजूदा सरकार में कथित परिवारवाद और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों के बीच आया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।
जोगाराम पटेल ने गहलोत पर साधा निशाना
वहीं विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने गहलोत के इस बयान को सीधे उन पर ही लौटा दिया। “कांच के घर” वाली टिप्पणी कर पटेल ने साफ संकेत दिए कि गहलोत खुद ऐसे मुद्दों पर बोलने की स्थिति में नहीं हैं। पटेल ने सीधे तौर पर गहलोत पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने पुत्र वैभव गहलोत के राजनीतिक करियर को आगे बढ़ाने के लिए कई अन्य लोगों के हक छीन लिए। यह आरोप सिर्फ चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं रहा। पटेल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि गहलोत ने अपने बेटे के लिए न केवल जोधपुर संसदीय क्षेत्र, बल्कि जालौर-सिरोही जैसे अहम इलाकों में भी सियासी दांवपेंच खेले, जहां कई अन्य नेताओं की दावेदारी बनती थी। इतना ही नहीं, उन्होंने क्रिकेट प्रशासन में भी राजनीतिक दखल का जिक्र किया, जहां वैभव गहलोत की भूमिका अक्सर चर्चा में रही है। पटेल के इस बयान ने राजस्थान में परिवारवाद के मुद्दे को एक बार फिर से गरमा दिया है और विपक्ष को गहलोत पर निशाना साधने का नया मौका दे दिया है।
फिर भी वो हमारे हैं : जोगाराम पटेल
हालांकि, अपने तीखे हमले के बीच जोगाराम पटेल ने यह भी कहा, “फिर भी वो हमारे हैं।” राजस्थान की राजनीति में प्रतिद्वंद्वी नेताओं के बीच इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणियों के साथ-साथ एक-दूसरे के प्रति सम्मान का भाव भी अक्सर देखने को मिलता रहा है, जो इस बयान में भी झलका। यह सियासी चिंगारी अब केवल जोधपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राजस्थान की राजनीति में आग की तरह फैल रही है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच यह जुबानी जंग और तीखी होने के संकेत साफ हैं। प्रदेश की तपती गर्मी के बीच राजनीतिक पारा भी लगातार उबाल पर है, और यह बयानबाजी आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले सियासी माहौल को और गर्म करेगी।
जनता के मुद्दे पर भी बोले विधि मंत्री
दरअसल राजनीतिक हमलों के अलावा विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने जनता से जुड़े मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने मारवाड़ में पेयजल संकट को लेकर गंभीर चिंता जताई। पटेल ने स्वीकार किया कि हर साल की तरह इस बार भी मारवाड़ के कई इलाकों में पानी की किल्लत रहेगी। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि जनता को कम से कम परेशानी हो।






