भारत की पुरुष क्रिकेट टीम ने आज सुबह पाकिस्तान को 19 रनों से हराकर पुरुष क्रिकेट का गोल्ड मेडल भारत के नाम किया वहीं हॉकी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने ये कारनामा कर दिखाया, भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जापान में भारत के तिरंगे की शान को उस समय और बढ़ा दिया जब फ़ाइनल मुकाबले में मलेशिया जैसी मजबूत टीम को 5-1 से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्ज़ा कर लिया, मलेशिया को सिल्वर मेडल मिला। इस जीत के साथ ही भारत ने 2028 में लॉस एंजिलिस में होने वाले ओलम्पिक खेलों के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है।
एशियन गेम्स के इतिहास में ये पहली बार हुआ है जब भारत की महिला और पुरुष हॉकी टीमों ने दूसरी बार गोल्ड मेडल जीता है इसके अलावा ये पहला मौका है जब भारत की पुरुष हॉकी टीम में लगातार दूसरे एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है भारत ने 2023 में हांगझू एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था। बता दें कल 2 अक्टूबर को खेले महिला हॉकी के फ़ाइनल मुकाबले में भारत ने चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता और आज पुरुष टीम ने मलेशिया को 5 – 1 से हराकर ये कमाल कर दिखाया।
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आज खेले गए मैच में शुरू ही दोनों टीमें मजबूत इरादे के साथ दिखाई दे रही थी, हालाँकि भारत को मैच शुरू होते ही पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन वो इसे गोल में बदलने से चूक गया लेकिन मैच के 11वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गोल में बदलकर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी लेकिन पहले क्वार्टर का खेल खत्म होने से कुछ समय पहले मलेशिया की टीम ने भी एक जबरदस्त गोल करते हुए स्कोर को 1-1 से बराबर कर दिया है। पहले क्वार्टर का खेल खत्म होने तक स्कोर 1-1 की बराबरी पर हो गया।
भारत अपना स्कोर लगातार बढ़ाता रहा
दूसरे क्वार्टर में मलेशिया को दो पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन वो इसका फायदा नहीं उठा पाई, हालाँकि भारत को भी एक पेनल्टी कॉर्नर मिला और भारत भी इसे गोल में बदलने से चूक गया । भारत को फिर एक पेनल्टी कार्नर मिला और इस बार जुगराज ने कोई गलती नहीं की और गेंद को सीधे गोल में पहुंचाकर मैच का स्कोर भारत के पक्ष में 2-1 कर दिया और बढ़त बना ली। हाफ टाइम तक स्कोर बोर्ड पर स्कोर 2 -1 रहा। तीसरा क्वार्टर शुरू होते ही कुछ देर बाद भारत को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन भारत अपना स्कोर और नहीं बढ़ा सका और गोल करने से चूक गया। लेकिन तीसरे क्वार्टर का खेल खत्म होने से ठीक पहले भारत ने तीसरा गोल करके 3-1 की बढ़त हासिल कर ली।
भारत ने अपनी मजबूत पकड़ बनाये रखी
आखिरी दौर में पहुंच रहे मैच में अब मलेशिया के लिए वापसी करना संभव नहीं दिख रहा था इसी बीच भारत को एक पेनल्टी मिला इस गोल्डन चांस को शीलानंद लकड़ा ने मिस नहीं किया और दाएं छोर से आए पास को उन्होंने गोलपोस्ट के पास बड़े ही आराम से गोल में तब्दील कर दिया भारत की बढ़त को 4-1 की मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया ।
पहला गोल हरमनप्रीत ने किया और अंतिम गोल भी
अब खेल खत्म होने में पांच मिनट से भी कम का समय बचा तब भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने उसे गोल में तब्दील कर दिया जिससे भारत की बढ़त अब 5-1 हो गई है। इस गोल के साथ ही मुकाबला पूरी तरह से एकतरफा हो गया स्पष्ट हो गया कि भारत की झोली में एक और गोल्ड मेडल आ रहा है और जैसे ही लम्बी विसिल बजी यानि मैच समाप्ति की घोषणा हुई भारतीय खिलाड़ी और उनके समर्थक झूम उठे, एक और गोल्ड मेडल भारत के नाम हो गया।