Hindi News

तमीम इकबाल को ‘इंडियन एजेंट’ कहने पर भारी बवाल, BCB ने डायरेक्टर के बयान से पल्ला झाड़ते हुए मांगी माफी

Written by:Rishabh Namdev
Published:
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के एक डायरेक्टर द्वारा पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को 'इंडियन एजेंट' कहे जाने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। खिलाड़ियों और प्रशंसकों के भारी विरोध के बाद बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर माफी मांगते हुए इसे डायरेक्टर का निजी बयान बताया है।
तमीम इकबाल को ‘इंडियन एजेंट’ कहने पर भारी बवाल, BCB ने डायरेक्टर के बयान से पल्ला झाड़ते हुए मांगी माफी

बांग्लादेश क्रिकेट में एक नए विवाद ने भूचाल ला दिया है, जब बोर्ड के एक डायरेक्टर ने पूर्व कप्तान तमीम इकबाल पर ‘इंडियन एजेंट’ होने का गंभीर आरोप लगाया। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट जगत तक हंगामा मच गया। चौतरफा दबाव और खिलाड़ियों की नाराजगी के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) बैकफुट पर आ गया और उसने बयान पर खेद जताते हुए माफी मांगी है।

आखिर क्या है पूरा मामला?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब BCB के डायरेक्टर एम नजमुल इस्लाम ने भारत और बांग्लादेश क्रिकेट के बीच तनाव को बातचीत से सुलझाने की वकालत करने पर तमीम इकबाल को ‘भारत का एजेंट’ कह दिया। यह बयान आग की तरह फैल गया और क्रिकेट प्रशंसकों के साथ-साथ मौजूदा खिलाड़ियों ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई।

मामले की जड़ हाल के कुछ घटनाक्रमों से जुड़ी है, जिसमें IPL 2026 से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) द्वारा मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करना और बांग्लादेश द्वारा सुरक्षा कारणों से T20 वर्ल्ड कप मैच भारत से बाहर शिफ्ट करने की मांग शामिल है, जिसे ICC ने खारिज कर दिया था।

खिलाड़ियों और फैंस ने खोला मोर्चा

डायरेक्टर की इस टिप्पणी के खिलाफ कई मौजूदा बांग्लादेशी खिलाड़ी तमीम के समर्थन में उतर आए। मोमिनुल हक, तस्किन अहमद और तैजुल इस्लाम जैसे खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर इस बयान की निंदा की। वहीं, क्रिकेट वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ बांग्लादेश ने विवादित टिप्पणी करने वाले डायरेक्टर के इस्तीफे की भी मांग कर डाली।

दबाव में BCB ने मांगी माफी

बढ़ते विरोध को देखते हुए BCB ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पूरे मामले पर सफाई दी। बोर्ड ने कहा कि यह टिप्पणी डायरेक्टर का व्यक्तिगत विचार थी और इसका बोर्ड की आधिकारिक नीति से कोई लेना-देना नहीं है।

बोर्ड ने अपने बयान में कहा, ‘बोर्ड ऐसी किसी भी टिप्पणी के लिए खेद व्यक्त करता है जो अनुचित या आहत करने वाली हो। ऐसी टिप्पणियां BCB के मूल्यों या आधिकारिक रुख को नहीं दर्शातीं।’ बोर्ड ने यह भी साफ किया कि जो बयान नामित प्रवक्ता या मीडिया विभाग के जरिए जारी नहीं होते, वे पूरी तरह से व्यक्तिगत माने जाएंगे। इसके साथ ही BCB ने खिलाड़ियों के सम्मान की रक्षा करने और क्रिकेट की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

तमीम ने दी थी संवाद की सलाह

इस पूरे विवाद पर तमीम इकबाल ने पहले ही परिपक्वता दिखाते हुए संवाद पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि कोई भी फैसला बांग्लादेश क्रिकेट के हित को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए।

“बांग्लादेश क्रिकेट का हित और भविष्य सोचकर ही निर्णय होना चाहिए। अगर संवाद से कुछ सुलझ सकता है तो उससे बेहतर कुछ नहीं।” — तमीम इकबाल

तमीम ने यह भी कहा था कि संवेदनशील मुद्दों पर सार्वजनिक बयानबाजी से बचना चाहिए क्योंकि इससे चीजें और बिगड़ सकती हैं। उन्होंने याद दिलाया कि ICC से 90-95 प्रतिशत फंडिंग आती है, इसलिए फैसले बांग्लादेश क्रिकेट को फायदा पहुंचाने वाले होने चाहिए।