कोलकाता के ईडन गार्डन्स में इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के बीच हुए मुकाबले में इंग्लिश टीम ने 5 विकेट से जीत हासिल करते हुए अपना पहला ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के इस 23वें लीग मैच में इंग्लैंड ने पहली बार किसी यूरोपियन देश की टीम को मात देकर यूरोपियन नेशंस के खिलाफ अपनी हार की लगातार कड़ी को तोड़ा।
टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनने वाली इंग्लिश टीम ने स्कॉटलैंड को 19.4 ओवर में 152 रन पर समेट दिया। रन चेज में टॉम बैंटन ने 63 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई और प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब अपने नाम किया।
पहली बार आमने-सामने खेले दोनों देश
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में यह महज दूसरा मौका था जब इंग्लैंड और स्कॉटलैंड एक-दूसरे के सामने खड़े हुए। 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में भी दोनों टीमों का मैच होना था, लेकिन बारिश की वजह से वह मुकाबला रद्द हो गया था। इस तरह इंग्लैंड को पहली बार स्कॉटलैंड को हराने का मौका मिला और उसने इसका भरपूर फायदा उठाया।
स्कॉटलैंड की बैटिंग में बेरिंगटन का अकेला संघर्ष
पहले बल्लेबाजी करने उतरी स्कॉटिश टीम ने संघर्ष भरा प्रदर्शन किया। कप्तान रिची बेरिंगटन ने 49 रनों की सर्वोच्च पारी खेली, लेकिन टीम को बड़ा स्कोर खड़ा करने में मदद नहीं मिली। इंग्लैंड के स्पिनर आदिल रशीद ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट चटकाए और स्कॉटलैंड की बैटिंग लाइन को तोड़ने में अहम भूमिका निभाई।
बैंटन की पारी ने दिलाई आसान जीत
153 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लिश टीम ने शुरुआत में कुछ झटके जरूर झेले, मगर टॉम बैंटन ने जिम्मेदारी संभालते हुए 63 रनों की नाबाद पारी खेली। उनकी इस पारी की बदौलत इंग्लैंड ने 18.2 ओवर में ही मैच अपने नाम कर लिया। स्कॉटलैंड की ओर से ब्रैंडन मैकमुलेन, ब्रैड करी, ब्रैड व्हील, माइकल लीस्क और ओलिवर डेविडसन ने एक-एक विकेट हासिल किया, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।
यूरोपियन टीमों के सामने रहा था खराब रिकॉर्ड
इस जीत से पहले इंग्लैंड का यूरोपियन देशों के खिलाफ रिकॉर्ड काफी निराशाजनक रहा था। नीदरलैंड्स के खिलाफ दो टी20 मैचों में दोनों बार इंग्लैंड को हार का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा आयरलैंड के खिलाफ भी दो मुकाबले हुए थे, जिसमें एक में हार मिली और दूसरा मैच बारिश के कारण रद्द हो गया। स्कॉटलैंड को हराकर इंग्लैंड ने न सिर्फ अपना पहला मैच जीता बल्कि यूरोपियन टीमों के खिलाफ लगातार हार का सिलसिला भी समाप्त किया।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ इंग्लैंड ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत की है और आगे के मुकाबलों के लिए आत्मविश्वास भी हासिल किया है।





