राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। शनिवार को जारी एक पब्लिक नोटिस में विभाग ने स्पष्ट किया है कि शहर की सड़कों पर खड़ी या चलती हुई निर्धारित अवधि से अधिक पुरानी गाड़ियों को तत्काल प्रभाव से जब्त कर स्क्रैप किया जाएगा।
इस नोटिस के तहत दिल्ली में BS-III और उससे कम उत्सर्जन मानक वाली गाड़ियां प्रतिबंधित श्रेणी में आती हैं। विभाग का यह कदम नेशनल कैपिटल में एयर क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को सख्ती से लागू करने की दिशा में उठाया गया है।
डीजल और पेट्रोल वाहनों के लिए अलग मानदंड
परिवहन विभाग ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि डीजल और पेट्रोल गाड़ियों के लिए अलग-अलग समयसीमा निर्धारित की गई है। जिन डीजल गाड़ियों को बने 10 साल या उससे अधिक समय हो चुका है, वे ओवरएज्ड व्हीकल की कैटेगरी में मानी जाएंगी। वहीं पेट्रोल वाहनों के लिए यह अवधि 15 साल तय की गई है।
ये दोनों श्रेणियां अब पुरानी गाड़ियों के रूप में चिन्हित की जाएंगी और इनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई शुरू होगी। विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में ऐसे वाहनों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
मालिकों को NOC लेने की सलाह
जारी नोटिस में पुरानी गाड़ियों के स्वामियों से अपील की गई है कि यदि वे अपने वाहन को NCR से बाहर ले जाना चाहते हैं तो पहले नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट प्राप्त कर लें।
“दिल्ली में पब्लिक जगहों पर चल रही BS-III और कम एमिशन स्टैंडर्ड वाली पुरानी गाड़ियों को कानून के मुताबिक बिना किसी पहले नोटिस के जब्त करके स्क्रैप कर दिया जाएगा। ऐसी गाड़ियों के मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे उन्हें NCR से बाहर ले जाने से पहले NOC ले लें।”- परिवहन विभाग का नोटिस
विभाग का कहना है कि वाहन मालिक यदि अपनी गाड़ी को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बाहर किसी अन्य राज्य में ले जाना चाहते हैं तो उन्हें संबंधित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बिना यदि कोई वाहन सार्वजनिक स्थानों पर पाया गया तो उसे तुरंत जब्त किया जा सकता है।
जल्द शुरू होगा नया अभियान
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि राजधानी से पुरानी गाड़ियों को हटाने के उद्देश्य से शीघ्र ही एक विशेष अभियान की शुरुआत की जाएगी। इस अभियान के तहत विभाग की टीमें विभिन्न इलाकों में जाकर ओवरएज्ड वाहनों की पहचान करेंगी और उन्हें सड़कों से हटाने की कार्रवाई करेंगी।
अधिकारियों का मानना है कि यह कदम न केवल प्रदूषण कम करने में सहायक होगा बल्कि दिल्ली की सड़कों पर यातायात व्यवस्था सुधारने में भी मददगार साबित होगा। पुराने वाहनों से निकलने वाला धुआं राजधानी में वायु गुणवत्ता खराब करने में बड़ा योगदान देता है।
विभाग ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से अपनी पुरानी गाड़ियों को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटरों में जमा करें या फिर नियमानुसार उन्हें शहर से बाहर ले जाने की प्रक्रिया पूरी करें। इससे उन्हें किसी भी कानूनी कार्रवाई से बचने में मदद मिलेगी।





