राजधानी दिल्ली में अगले सप्ताह आयोजित होने वाले AI Impact Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों के 35 से 40 बड़े कॉरपोरेट प्रमुखों के साथ बैठक करेंगे। OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन, माइक्रोसॉफ्ट के वरिष्ठ अधिकारी, नेटफ्लिक्स, जूम और अमेजन के प्रतिनिधि इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगे।
सूत्रों के अनुसार, यह समिट भारत के लिए करीब 100 अरब डॉलर के निवेश प्रस्ताव लेकर आ सकता है। बैठक में देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रणनीति, रोजगार के नए अवसर, निवेश योजनाएं और सरकार के साथ तकनीकी सहयोग जैसे प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों की उपस्थिति
इस शिखर सम्मेलन में एयरटेल के अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल, टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन, माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स और Anthropic के डारियो अमोडेई जैसे तकनीकी जगत के दिग्गज भी मौजूद रहेंगे। यह आयोजन भारत को वैश्विक AI केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
पिछले साल दिसंबर में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने प्रधानमंत्री मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात की थी। इसके बाद कंपनी ने भारत में 17.5 अरब डॉलर यानी करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी जो एशिया में माइक्रोसॉफ्ट का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। इस निवेश का उद्देश्य AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना, क्लाउड सेवाओं की क्षमता बढ़ाना और लाखों भारतीयों को डिजिटल कौशल में प्रशिक्षित करना है।
20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष होंगे शामिल
प्रधानमंत्री मोदी के विशेष निमंत्रण पर 20 देशों के शीर्ष नेता इस समिट में हिस्सा लेंगे। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज सहित कई वैश्विक नेता उपस्थित रहेंगे।
भूटान, श्रीलंका, स्विट्ज़रलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, अफ्रीकी देशों, लैटिन अमेरिका और पूर्वी यूरोप के प्रतिनिधि भी इस महत्वपूर्ण आयोजन में भागीदारी करेंगे। 45 से अधिक देशों के मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
पीपल प्लैनेट प्रोग्रेस का सूत्र
विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह शिखर सम्मेलन तीन प्रमुख सूत्रों ‘पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस’ पर केंद्रित है। यह दृष्टिकोण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सहयोगात्मक, जिम्मेदार और समावेशी तरीके से विकसित करने की भारत की सोच को प्रतिबिंबित करता है।
पांच दिवसीय यह कार्यक्रम दिल्ली के भारत मंडपम और सुषमा स्वराज भवन समेत विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के अनुसार, अब तक दो लाख से अधिक लोगों ने इस समिट के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें सरकारी अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ और नागरिक समाज के सदस्य शामिल हैं।
खास बात यह है कि बड़ी संख्या में किसान और जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोग भी इसमें हिस्सा लेंगे। समिट में ऑटोमेशन के कारण रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव, स्किलिंग, री-स्किलिंग और रोजगार के नए अवसरों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए हैं। इससे पहले AI Impact Summit का आयोजन पेरिस, सियोल और ब्रिटेन के ब्लेचली में हो चुका है।





