रविवार, 8 मार्च को खेले गए भारत बनाम न्यूजीलैंड टी20 वर्ल्ड कप 2026 फाइनल के बाद ICC ने बड़ा अनुशासनात्मक फैसला सुनाया। भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पर मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है और एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया है।
मामला न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर का है, जब टीम 256 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही थी। डेरिल मिचेल ने गेंद को हल्के हाथों से खेला, गेंद वापस अर्शदीप के पास आई और उसी दौरान अर्शदीप ने आक्रामक अंदाज में गेंद मिचेल के पैड की ओर जोर से फेंकी। फाइनल जैसे दबाव वाले मैच में यही एक पल उन पर भारी पड़ गया।
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11वें ओवर की घटना सीधे ICC को रिपोर्ट हुई
ICC ने अर्शदीप को आचार संहिता के आर्टिकल 2.9 के तहत दोषी माना। इस प्रावधान में किसी खिलाड़ी द्वारा दूसरे खिलाड़ी की तरफ उपकरण या गेंद को खतरनाक तरीके से फेंकना दंडनीय माना जाता है। इसी आधार पर लेवल-1 का अपराध तय हुआ और आर्थिक दंड के साथ डिमेरिट पॉइंट दिया गया।
अभी सिर्फ चेतावनी, लेकिन अगली गलती महंगी पड़ सकती है
ICC के नियम साफ हैं: 24 महीने के भीतर 4 या उससे ज्यादा डिमेरिट पॉइंट होने पर सस्पेंशन लागू हो सकता है। सजा की प्रकृति के हिसाब से खिलाड़ी को 1 टेस्ट या 2 वनडे/टी20 मैचों का प्रतिबंध झेलना पड़ता है। यानी फिलहाल अर्शदीप निलंबन के दायरे में नहीं हैं, लेकिन रिकॉर्ड पर अब एक निशान दर्ज हो चुका है।
मैदान पर यह घटना उस खिलाड़ी के साथ हुई, जो भारत की टी20 गेंदबाजी का अहम नाम है। अर्शदीप ने इस वर्ल्ड कप में 8 मैचों में 9 विकेट लिए। उनका सबसे अच्छा स्पेल जिम्बाब्वे के खिलाफ रहा, जहां उन्होंने 4 ओवर में 24 रन देकर 3 विकेट निकाले। हालांकि वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर-8 मुकाबले और फिर सेमीफाइनल में वे महंगे भी साबित हुए थे।
कुल टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर की बात करें तो अर्शदीप अब तक 127 विकेट ले चुके हैं और इस फॉर्मेट में भारत के सबसे सफल गेंदबाज हैं। फाइनल के बाद लगा यह दंड उनके खेल के आंकड़े नहीं बदलता, लेकिन अनुशासन रिकॉर्ड में दर्ज यह पॉइंट आगे हर मैच के साथ उनके साथ चलेगा।