भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा है। दरअसल 202 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए बल्लेबाजी शुरुआत से ही लड़खड़ा गई और पूरी टीम 76 रन पर ऑलआउट हो गई। इस हार के साथ भारत सीरीज में मुश्किल स्थिति में पहुंच गया है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में टीम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी, जबकि इंग्लैंड ने पूरे मैच में शुरुआत से आखिर तक दबदबा बनाए रखा।
दरअसल भारत के लिए यह सिर्फ हार नहीं बल्कि रिकॉर्ड बुक में दर्ज होने वाला ऐसा मुकाबला बन गया, जिसने कई पुराने आंकड़े बदल दिए है। वहीं टीम का बल्लेबाजी प्रदर्शन लगातार सवालों के घेरे में आ गया है। इस मुकाबले में भी कोई भी बल्लेबाज लंबी पारी नहीं खेल सका है।
IND vs ENG मैच में बने बड़े रिकॉर्ड
वहीं इस मुकाबले में कई ऐसे रिकॉर्ड बने, जो लंबे समय तक याद रखे जाएंगे। भारत पहली बार टी20 इंटरनेशनल में रनों के अंतर से 125 रन की सबसे बड़ी हार झेल बैठा। इससे पहले उसकी सबसे बड़ी हार 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 80 रन की थी। इसके साथ ही 76 रन का स्कोर भारत का टी20 इंटरनेशनल में दूसरा सबसे कम स्कोर बन गया। इससे पहले टीम 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 74 रन पर आउट हुई थी।
इंग्लैंड ने दिया 202 रन का लक्ष्य
इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 201 रन बनाए। भारत के खिलाफ यह उसका चौथा 200 से ज्यादा का स्कोर रहा। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने लगातार पांचवीं बार टॉस जीतकर रोहित शर्मा के रिकॉर्ड की बराबरी की, लेकिन यह उपलब्धि जीत में नहीं बदल सकी। दूसरी ओर भारत लगातार पांच टी20 मुकाबलों में जीत दर्ज नहीं कर पाया, जो टीम के लिए एक नया नकारात्मक रिकॉर्ड बन गया। मैच के दौरान युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव ने अपने टी20 करियर की पहली ही गेंद पर जोस बटलर का विकेट लेकर जरूर प्रभावित किया।
वैभव सूर्यवंशी फिर हुए फ्लॉप
वहीं ट्रेंट ब्रिज में खेले गए इस मुकाबले का एक खास पल तब देखने को मिला, जब भारत के पूर्व कप्तान एमएस धोनी अपने जन्मदिन पर स्टेडियम में मौजूद रहे। बड़ी स्क्रीन पर जैसे ही उनकी तस्वीर दिखाई गई, पूरे मैदान में मौजूद दर्शकों ने तालियों और शोर के साथ उनका स्वागत किया। धोनी ब्लैक कोट और ब्लैक चश्मे में नजर आए और मैच के दौरान कैमरे कई बार उनकी ओर घूमे।
वहीं युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी लगातार दूसरे मैच में बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके। जोफ्रा आर्चर ने उन्हें 13 रन के निजी स्कोर पर विकेटकीपर जोस बटलर के हाथों कैच करा दिया। तिलक वर्मा भी स्टंप आउट होकर पवेलियन लौटे और मध्यक्रम पूरी तरह बिखर गया। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा, जिसका असर पूरे स्कोरकार्ड पर साफ दिखाई दिया। अब सीरीज में बने रहने के लिए भारत को अगले मुकाबलों में वापसी करनी होगी, क्योंकि एक और हार टीम की सीरीज जीतने की उम्मीदों को लगभग खत्म कर सकती है।






