भारत बनाम इंग्लैंड—ICC नॉकआउट इतिहास की यह प्रतिद्वंद्विता फिर एक अहम मोड़ पर है। 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में शाम 7 बजे दोनों टीमें सेमीफाइनल खेलेंगी। यह ICC टूर्नामेंट में दोनों का पांचवां सेमीफाइनल होगा, और अभी तक का रिकॉर्ड पूरी तरह संतुलित है: 2-2।
इस मुकाबले को खास बनाने वाली एक और परत भी है। भारत ने 1983 और 2024 में इंग्लैंड को सेमीफाइनल में हराया था, और दोनों ही मौकों पर आगे चलकर ट्रॉफी भी अपने नाम की। दूसरी तरफ 1987 और 2022 में इंग्लैंड ने भारत को रोका। यानी इतिहास सिर्फ आंकड़ों से नहीं, नतीजों के असर से भी बराबरी दिखाता है।
टी-20 वर्ल्ड कप के संदर्भ में देखें तो यह लगातार तीसरा सेमीफाइनल टकराव होगा। 2022 में एडिलेड में इंग्लैंड ने 10 विकेट से जीत दर्ज की थी, जबकि 2024 में गयाना में भारत ने 68 रन से पलटवार किया। अब मुंबई का मैच निर्णायक संदर्भ में दोनों टीमों को बढ़त का मौका देगा।
1983: मैनचेस्टर में पहली बड़ी छलांग, फिर खिताब तक सफर
भारत-इंग्लैंड का पहला ICC सेमीफाइनल 1983 वनडे वर्ल्ड कप में ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में खेला गया था। मेजबान इंग्लैंड को तब प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन भारत ने 6 विकेट से जीत दर्ज कर पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल में जगह बनाई।
इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी की और 60 ओवर में 213 रन पर ऑलआउट हो गया। कपिल देव ने 3 विकेट लिए, जबकि मोहिंदर अमरनाथ ने 12 ओवर में 27 रन देकर 2 विकेट निकाले। जवाब में भारत की शुरुआत बहुत सहज नहीं रही और 50 रन पर दो विकेट गिर गए, लेकिन अमरनाथ (46) और यशपाल शर्मा (61) ने 92 रन जोड़कर मैच का नियंत्रण वापस लिया।
अंतिम चरण में संदीप पाटिल की 32 गेंदों पर नाबाद 51 रन की पारी ने जीत को तेज कर दिया। इस मैच की जीत ने भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया और फिर लॉर्ड्स के फाइनल में वेस्टइंडीज को हराकर भारत पहली बार विश्व चैंपियन बना।
1987: वानखेड़े में इंग्लैंड की वापसी, गूच की पारी निर्णायक
1987 वनडे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर इंग्लैंड ने भारत को 35 रन से हराया। यह मैच 1983 की हार का जवाब भी माना गया, क्योंकि इस बार नतीजा भारत की घरेलू परिस्थितियों में निकला।
इंग्लैंड के लिए ग्राहम गूच ने 136 गेंदों पर 115 रन बनाए और भारतीय स्पिनरों के खिलाफ स्वीप शॉट्स का भरपूर इस्तेमाल किया। उन्होंने 11 चौके लगाए। माइक गेटिंग के साथ तीसरे विकेट के लिए 117 रन की साझेदारी भी इंग्लैंड की पारी का केंद्रीय बिंदु रही। टीम 50 ओवर में 254/6 तक पहुंची।
255 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत के लिए मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 64 रन बनाए, लेकिन उनके आउट होने के बाद निचला क्रम टिक नहीं सका। भारत 45.3 ओवर में 219 रन पर सिमट गया। इसी मैच के साथ सुनील गावस्कर का वनडे अंतरराष्ट्रीय करियर भी समाप्त हुआ, जिसमें वे 4 रन ही बना सके।
2022: एडिलेड में 10 विकेट की हार, बटलर-हेल्स की 170 रन साझेदारी
टी-20 वर्ल्ड कप 2022 के सेमीफाइनल में एडिलेड ओवल पर इंग्लैंड ने भारत को 10 विकेट से हराया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 168/6 बनाए। विराट कोहली ने 50 रन और हार्दिक पंड्या ने 33 गेंदों पर 63 रन की पारी खेली, लेकिन पावरप्ले की गति मैच पर भारी पड़ गई।
इंग्लैंड की ओपनिंग जोड़ी जोस बटलर और एलेक्स हेल्स ने बिना विकेट गंवाए 170 रन जोड़ दिए और लक्ष्य 16 ओवर में हासिल कर लिया। बटलर 49 गेंदों पर 80 नाबाद रहे, जबकि हेल्स ने 47 गेंदों पर 86 नाबाद बनाए। उस समय यह टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी थी। हेल्स को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
भारत के लिए यह हार सिर्फ स्कोरलाइन की नहीं थी; नई गेंद से असर न बना पाना और पावरप्ले में पीछे रहना भी बड़ा कारण रहा। भारत ने पहले छह ओवर में 38 रन बनाए थे, जबकि इंग्लैंड ने उसी चरण में 63 रन बना लिए थे।
2024: गयाना में भारत की वापसी, रोहित- अक्षर-कुलदीप ने पलटा समीकरण
27 जून 2024 को गयाना के प्रोविडेंस स्टेडियम में दोनों टीमों की फिर भिड़ंत हुई और भारत ने 68 रन से जीत दर्ज की। शुरुआती झटकों के बाद कप्तान रोहित शर्मा ने 39 गेंदों पर 57 रन बनाए। सूर्यकुमार यादव (47) के साथ 73 रन की साझेदारी ने पारी को स्थिरता दी। बारिश से प्रभावित परिस्थितियों के बीच भारत ने 20 ओवर में 171/7 का स्कोर बनाया।
इंग्लैंड ने जवाब में 3 ओवर में 26 रन बना लिए थे, लेकिन अक्षर पटेल ने अपनी पहली ही गेंद पर जोस बटलर को आउट कर दिया। अक्षर ने 4 ओवर में 23 रन देकर 3 विकेट लिए और प्लेयर ऑफ द मैच बने। कुलदीप यादव ने भी 3 विकेट झटके। इंग्लैंड की टीम 16.4 ओवर में 103 रन पर ऑलआउट हो गई।
यह नतीजा 2022 की हार के बाद भारत के लिए सीधा जवाब था और इसी जीत के बाद टीम फाइनल में पहुंची, जहां उसने दक्षिण अफ्रीका को हराकर खिताब जीता।
अब नजरें मुंबई पर हैं। ICC सेमीफाइनल में भारत-इंग्लैंड का रिकॉर्ड फिलहाल बराबर है, लेकिन 5 मार्च का मैच इस प्रतिद्वंद्विता में नई बढ़त तय करेगा। आंकड़े कह रहे हैं कि भारत की इंग्लैंड पर सेमीफाइनल जीत अक्सर ट्रॉफी की राह खोलती है; इंग्लैंड के लिए चुनौती यही सिलसिला रोकने की होगी।






