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क्या भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा मैच? PAK PM शहबाज शरीफ ने जारी किया बयान, जानिए क्या कहा?

Written by:Rishabh Namdev
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पाकिस्तान ने T20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने के अपने फैसले पर अंतिम मुहर लगा दी है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस रुख का समर्थन किया है, जिसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) पर ICC की तरफ से भारी आर्थिक जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है।
क्या भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा मैच? PAK PM शहबाज शरीफ ने जारी किया बयान, जानिए क्या कहा?

T20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले बहुप्रतीक्षित मुकाबले पर संकट के बादल और गहरे हो गए हैं। पाकिस्तान अपनी सरकार के निर्देश पर भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने के फैसले पर अड़ा हुआ है और अब इस पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी अपनी मुहर लगा दी है। इस कदम के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) गंभीर मुश्किलों में फंस सकता है।

इस्लामाबाद में एक बयान जारी करते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि यह एक सोच-समझकर उठाया गया कदम है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि खेल में राजनीति का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

“हमने T20 वर्ल्ड कप को लेकर साफ रुख लिया है कि हम भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेंगे।” — शहबाज शरीफ, प्रधानमंत्री, पाकिस्तान

यह फैसला उस वक्त आया है जब बांग्लादेश क्रिकेट टीम पर आईसीसी की कार्रवाई के बाद माहौल पहले से ही गर्म है। पाकिस्तान ने अभी तक अपने बहिष्कार का कोई औपचारिक कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) को नहीं बताया है।

आईसीसी की कड़ी चेतावनी और कानूनी कार्रवाई का खतरा

सूत्रों के मुताबिक, आईसीसी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को इस एकतरफा फैसले के गंभीर परिणामों के बारे में चेतावनी दी है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि पाकिस्तान 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले मैच से पीछे हटता है, तो उसे न केवल भारी আর্থিক जुर्माना भरना पड़ सकता है, बल्कि टूर्नामेंट के आधिकारिक प्रसारक ‘जियोस्टार’ की तरफ से कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।

पीसीबी के एक सूत्र ने बताया कि बोर्ड अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री को जानकारी देने से पहले कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली थी। इसके बावजूद बोर्ड अब गंभीर नतीजों के लिए तैयार है। विशेषज्ञों का मानना है कि आईसीसी की विवाद निपटान समिति (DRC) में भी पीसीबी की अपील खारिज हो सकती है, क्योंकि यह समिति आईसीसी बोर्ड के अपने फैसलों के खिलाफ अपील नहीं सुनती है।

क्या फैसला पलट सकते हैं मोहसिन नकवी?

इस पूरे मामले में एक राजनीतिक कोण भी देखा जा रहा है। पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं। कई लोगों का मानना है कि नकवी 12 फरवरी को बांग्लादेश में आम चुनाव होने और वहां एक नई लोकतांत्रिक सरकार के गठन के बाद अपना रुख बदल सकते हैं।

एक सूत्र ने एजेंसी को बताया, “नकवी एक क्रिकेट प्रशासक से ज्यादा एक राजनेता हैं और वह इस स्थिति का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव के बाद वह यू-टर्न ले सकते हैं।”

भारत के खिलाफ मैच से पहले दो दिन का समय होगा और हालात बदल सकते हैं। अगर पाकिस्तान अपने फैसले पर कायम रहता है, तो उसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अलग-थलग किए जाने का भी खतरा है।