भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका एक बयान है, जिसने सोशल मीडिया पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। धोनी ने टीम इंडिया के दो सबसे बड़े सितारों, विराट कोहली और रोहित शर्मा के 2027 वनडे वर्ल्ड कप में खेलने की संभावना पर अपनी राय रखी है, लेकिन उनका यह नजरिया कुछ क्रिकेट प्रशंसकों को रास नहीं आया और उन्होंने धोनी को उनकी कप्तानी के दिनों की याद दिला दी।
दरअसल, एक इवेंट के दौरान जब धोनी से यह सवाल किया गया कि क्या रोहित और विराट को अगला वनडे वर्ल्ड कप खेलना चाहिए, तो उन्होंने इसका पुरजोर समर्थन किया। धोनी का मानना है कि उम्र किसी भी खिलाड़ी के लिए बाधा नहीं होनी चाहिए, जब तक कि वह फिट है और लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।
धोनी के बयान पर क्यों मचा बवाल?
एमएस धोनी का यह बयान जहां रोहित और विराट के फैंस के लिए एक अच्छी खबर थी, वहीं कई क्रिकेट प्रेमियों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने धोनी पर ‘दोहरा मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाया। एक यूजर ने लिखा, “धोनी आज जो बात कह रहे हैं, अपनी कप्तानी के समय उन्होंने इसके ठीक उलट काम किया था।”
कई लोगों ने वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, गौतम गंभीर और हरभजन सिंह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का उदाहरण दिया, जिन्हें धोनी की कप्तानी के दौरान टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। फैंस का कहना है कि उस समय भी ये खिलाड़ी प्रदर्शन कर सकते थे, लेकिन उन्हें मौका नहीं दिया गया। एक अन्य फैन ने टिप्पणी की, “धोनी ने सिर्फ सचिन तेंदुलकर का समर्थन किया, लेकिन सहवाग और युवराज जैसे मैच विनर्स के साथ जो हुआ, वह सब जानते हैं।”
क्या था धोनी का पूरा बयान?
महेंद्र सिंह धोनी ने अपने बयान में अनुभव के महत्व पर जोर दिया था। उन्होंने कहा कि बड़े टूर्नामेंट और महत्वपूर्ण मैचों में अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम के लिए बेहद जरूरी होती है।
“उन्हें (रोहित-विराट) 2027 का वनडे वर्ल्ड कप क्यों नहीं खेलना चाहिए? मेरे लिए उम्र कोई पैमाना नहीं है, प्रदर्शन और फिटनेस सबसे जरूरी हैं। सिर्फ इसलिए कि कोई 30 साल से ज्यादा का है, इसका मतलब यह नहीं कि वह नहीं खेल सकता। बड़े मैचों में हमेशा अनुभव की जरूरत होती है।” — एमएस धोनी
इस बयान के बाद अब सोशल मीडिया पर क्रिकेट फैंस दो गुटों में बंट गए हैं। एक वर्ग धोनी के बयान का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा वर्ग उनकी कप्तानी के दौरान लिए गए कड़े फैसलों को लेकर उनकी आलोचना कर रहा है। यह बहस दिखाती है कि भारतीय क्रिकेट में दिग्गजों के भविष्य को लेकर फैंस कितने भावुक हैं।





