भारतीय शतरंज के ग्रैंडमास्टर आर प्रगनानंद ने 5 जून को एक बार फिर इतिहास रच दिया। उन्होंने नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। बीते दिनों वो तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने वर्ल्ड नंबर 1 प्लेयर मैग्नस कार्लसन को दो बार इस टूर्नामेंट में शिकस्त दी थी।
नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट के फाइनल राउंड में उनका मुकाबला जर्मनी के विंसेंट कीमर से हुआ। कीमर कोहराकर उन्होंने 18 अंकों के साथ टूर्नामेंट में पहला स्थान हासिल किया। भारत के लिए यह जीत बहुत खास है ऐतिहासिक है क्योंकि वह इस प्रतिष्ठ टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
प्रगनानंद का शानदार प्रदर्शन
20 साल के इस भारतीय खिलाड़ी ने टूर्नामेंट के आखिरी राउंड में जबरदस्त प्रदर्शन किया। लगातार चार क्लासिकल गेम जीतने के बाद टूर्नामेंट के मध्य में वो अंकों के मामले सबसे नीचे पहुंच गए थे लेकिन आखिरी क्षणों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए उन्होंने कमाल का उलटफेर किया और खिताब अपने नाम कर लिया।
कैसा रहा मैच
टूर्नामेंट का ये मुकाबला काफी रोचक रहा। आखिरी दौर में अमेरिकी खिलाड़ी वेस्ली सो लीड कर रहे थे। लेकिन प्रगनानंद की जीत हुई और वेस्ली का मैच ड्रॉ हो गया। इससे भारतीय खिलाड़ी को एक अंक की बढ़त मिल गई। इसके बाद वेस्ली ने अलीरेजा फिरोजजा को हराकर टूर्नामेंट में दूसरा स्थान हासिल किया।
प्रगनानंद का क्या कहना
इस शानदार जीत के बाद खिलाड़ी ने कहा कि लगातार दो मैच हारने के बाद मैंने इस बारे में सोचा नहीं था। मैं केवल चेस खेलना चाहता था। इस जीत से वो काफी खुश हैं।






