भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ‘हिटमैन’ के नाम से अपनी एक अलग छाप छोड़ने वाले रोहित शर्मा का नाम आजकल एक ऐसे चौराहे पर आकर खड़ा हो गया है, जहाँ उनके एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय करियर का भविष्य तय होना है। दरअसल देश के क्रिकेट गलियारों में उनके संन्यास को लेकर चल रही अटकलों ने एक नया मोड़ ले लिया है, जब पूर्व भारतीय क्रिकेटर और जाने-माने कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने इस पूरे मामले पर अपनी बेहद भावुक प्रतिक्रिया दी है। यह सिर्फ एक खिलाड़ी के करियर का नहीं, बल्कि लाखों प्रशंसकों की भावनाओं से जुड़ा एक ऐसा पल है, जिसने पूरे खेल जगत को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
दरअसल रोहित शर्मा जिन्होंने पहले ही टी20 और टेस्ट फॉर्मेट को अलविदा कह दिया है अब यह माना जा रहा है कि इंग्लैंड के खिलाफ 19 जुलाई को होने वाले तीसरे वनडे मैच के बाद वे इस फॉर्मेट से भी संन्यास की घोषणा कर सकते हैं। यह खबर उन सभी क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक झटके से कम नहीं है, जिन्होंने सालों से रोहित को मैदान पर चौकों और छक्कों की बारिश करते देखा है। इस बीच, आकाश चोपड़ा का बयान इन अटकलों को और भी गहरा कर गया है, साथ ही एक भावनात्मक अपील के साथ सामने आया है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
रोहित के खेल में आया बदलाव?
चोपड़ा ने रोहित के हालिया प्रदर्शन पर गहराई से गौर किया है, जिसने कई क्रिकेट पंडितों को भी सोचने पर मजबूर किया है। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में रोहित शर्मा ने 47 गेंदों में मात्र 26 रन बनाए, उनका स्ट्राइक रेट 55.32 का रहा। यह आंकड़ा उस रोहित शर्मा से बिल्कुल अलग है, जिसे हम जानते हैं एक ऐसा बल्लेबाज जो अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी और शुरुआती ओवरों में ही मैच का रुख बदलने की क्षमता के लिए विख्यात है। चोपड़ा ने इसी बात पर जोर दिया कि कप्तान का पद छोड़ने के बाद रोहित के खेलने के तरीके में एक बड़ा बदलाव आया है। पहले वनडे में भी उनका स्ट्राइक रेट केवल 52.32 था, जो उनकी सामान्य खेल शैली से कोसों दूर है और यह बात हर किसी को हैरान कर रही है।
जानिए आकाश चोपड़ा ने क्या कहा?
दरअसल आकाश चोपड़ा ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा, “रोहित ने अपनी बैटिंग का तरीका बदला है। एक समय था जब वो पावरप्ले ओवरों में पचासा ठोक दिया करते थे, लेकिन दूसरे वनडे में वो 18वें ओवर में आउट हुए और सिर्फ 26 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। हमने उन्हें इस तरह से खेलते हुए पहले कभी नहीं देखा है।” यह टिप्पणी उस रोहित शर्मा की छवि पर सवाल खड़े करती है, जिसने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से कई मैच भारत की झोली में डाले हैं और विश्व क्रिकेट में अपना लोहा मनवाया है। चोपड़ा का मानना है कि कप्तानी छिनने का असर उनके खेल पर साफ दिखाई दे रहा है और यह उनके स्वाभाविक खेल को प्रभावित कर रहा है।
रोहित जैसे महान खिलाड़ी को थोड़ा और समय मिलना चाहिए था: आकाश चोपड़ा
पूर्व क्रिकेटर ने इस बात पर भी जोर दिया कि क्या चयनकर्ताओं को रोहित को थोड़ा और समय देना चाहिए था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अगले विश्व कप में अभी डेढ़ साल का समय बाकी है, तो क्या टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं को रोहित को और मौके नहीं देने चाहिए थे? यह एक ऐसा सवाल है जो भारतीय क्रिकेट की रणनीति और खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर एक नई बहस छेड़ सकता है। चोपड़ा ने कहा कि अभी डेढ़ साल का समय था और टीम मैनेजमेंट थोड़ा और इंतजार कर सकता था, शायद यह फैसला थोड़ा जल्दबाजी में लिया गया है और रोहित जैसे महान खिलाड़ी को थोड़ा और समय मिलना चाहिए था।
और फिर आया वो पल, जब आकाश चोपड़ा ने एक भावुक अपील की, जिसने हर क्रिकेट प्रेमी को छू लिया और उनकी आँखों को नम कर दिया। उन्होंने कहा, “अगर ये रोहित शर्मा का आखिरी मैच है, तो मैं सिर्फ इतना कहूंगा, ‘आखिरी मैच में 100 बना दे यार। लॉर्ड्स में मैच है और एकदम लॉर्ड की तरह खेल जा। जिस तरह आपने वनडे क्रिकेट को रूल किया है, ठीक वैसे ही इस फॉर्मेट को अलविदा कह कर जाओ।” यह अपील सिर्फ एक पूर्व क्रिकेटर की नहीं, बल्कि एक प्रशंसक की भावना है, जो चाहता है कि ‘हिटमैन’ अपने पसंदीदा फॉर्मेट को उसी शान से अलविदा कहे, जिस शान से उन्होंने इसे जिया है और क्रिकेट के मैदान पर राज किया है। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर शतक जड़कर विदाई लेना, रोहित जैसे महान खिलाड़ी के लिए एक शानदार अध्याय का समापन होगा, जिसकी यादें हमेशा के लिए क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में बस जाएंगी और उन्हें एक लीजेंड के तौर पर याद रखा जाएगा।






