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रोहित शर्मा को लेकर संजय मांजरेकर ने दिया बड़ा बयान, कहा – ‘छोटे खिलाड़ियों की बलि दी जाती है, यह टीम के हित में नहीं है’

Written by:Rishabh Namdev
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भारतीय कप्तान रोहित शर्मा को लेकर पूर्व भारतीय खिलाडी संजय मांजरेकर ने एक बड़ा बयान दिया है। दरअसल उन्होंने रोहित शर्मा के ओपनिंग बल्लेबाजी करने पर केएल राहुल के साथ इसे नाइंसाफी बताया है। चलिए जानते हैं संजय मांजरेकर ने रोहित शर्मा को लेकर क्या कहा।
रोहित शर्मा को लेकर संजय मांजरेकर ने दिया बड़ा बयान, कहा – ‘छोटे खिलाड़ियों की बलि दी जाती है, यह टीम के हित में नहीं है’

भारतीय कप्तान रोहित शर्मा पिछले लंबे समय से अपनी फॉर्म को लेकर जूझ रहे हैं। पहले घरेलू टेस्ट सीरीज में रोहित शर्मा बड़ा स्कोर नहीं बना सके तो वहीं अब ऑस्ट्रेलिया के साथ खेली जा रही बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में भी रोहित शर्मा का बल्ला शांत नजर आ रहा है, जिसके चलते अब उनकी बल्लेबाजी को लेकर सवाल उठते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी बीच रोहित शर्मा को लेकर संजय मांजरेकर ने एक बड़ा बयान दिया है।

दरअसल मेलबर्न टेस्ट मैच में रोहित शर्मा ने ओपनिंग बल्लेबाजी की है, लेकिन ओपनिंग बल्लेबाजी में रोहित शर्मा फ्लॉप नजर आए। इसी को लेकर संजय मांजरेकर ने बड़ा बयान दिया है।

क्या बोले संजय मांजरेकर?

मेलबर्न में खेले जा रहे चौथे टेस्ट मैच में रोहित शर्मा मात्र तीन रन बनाकर आउट हो गए। उन्होंने सिर्फ पांच गेंद का सामना किया। रोहित शर्मा पुल शॉट खेलने के चलते आउट हो गए। वहीं इसे लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने रोहित शर्मा की जमकर आलोचना की और रोहित शर्मा को ओपन करवाने का फैसला राहुल के साथ नाइंसाफी बताया है। संजय मांजरेकर का मानना है कि केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल को ही ओपनिंग बल्लेबाजी करना चाहिए थी। मांजरेकर ने कहा कि “भारतीय क्रिकेट में यह आम बात हो गई है कि बड़े नाम को फॉर्म में लाने के लिए छोटे खिलाड़ियों की बलि दी जाती है। यह टीम के हित में नहीं है।”

भारतीय क्रिकेट को इस कल्चर को बदलने की जरूरत : संजय मांजरेकर

दरअसल रोहित शर्मा के ओपनिंग करने को लेकर संजय मांजरेकर ने कहा कि “केएल राहुल ने पहले तीन टेस्ट मैच में ओपनिंग करते हुए जबरदस्त प्रदर्शन किया है। यशस्वी जायसवाल के साथ उन्होंने शानदार साझेदारी की लेकिन सिर्फ रोहित शर्मा को वापस ओपनिंग में लाने के लिए राहुल का स्थान बदला गया। यह गलत निर्णय है।” संजय मांजरेकर ने कहा कि ‘ऐसा पहले भी हुआ है, जब 2011 के वर्ल्ड कप में तेंदुलकर ने संन्यास नहीं लिया, क्योंकि वह अपना 100वां इंटरनेशनल शतक का रिकॉर्ड बनाना चाहते थे। अब भारतीय क्रिकेट को इस कल्चर से बाहर निकालने की जरूरत है।’

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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