टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में साउथ अफ्रीका के हाथों 76 रनों की करारी शिकस्त झेलने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम की रणनीतियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण मैच से पहले टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच, भारत के पूर्व दिग्गज कप्तान सुनील गावस्कर ने एक बड़ा सुझाव देते हुए टीम संयोजन में बदलाव की वकालत की है।
गावस्कर का मानना है कि टीम को हर हाल में ऑलराउंडर अक्षर पटेल की वापसी करानी चाहिए, जिन्हें साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में बाहर बैठा दिया गया था। उनकी जगह वॉशिंगटन सुंदर को मौका मिला था, लेकिन वह गेंद और बल्ले, दोनों से ही प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे।
किस खिलाड़ी को बाहर करने का दिया सुझाव?
सुनील गावस्कर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ अक्षर पटेल को टीम में शामिल करने के लिए तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को बाहर करने का विकल्प सुझाया है। उन्होंने अपने तर्क में कहा कि जिम्बाब्वे की टीम में ज्यादा बाएं हाथ के बल्लेबाज नहीं हैं, ऐसी स्थिति में अक्षर पटेल की गेंदबाजी टीम के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है।
हालांकि, गावस्कर ने यह भी स्वीकार किया कि यह फैसला लेना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा, “अर्शदीप सिंह ने पिछले मैच में अच्छी गेंदबाजी की थी और वह लय में नजर आ रहे हैं। किसी भी लय में चल रहे खिलाड़ी को बाहर करना एक कठिन निर्णय होता है।” ऐसे में यह भी संभव है कि टीम मैनेजमेंट बिना किसी बदलाव के ही मैदान पर उतरे।
अक्षर को बाहर रखने पर टीम मैनेजमेंट की सफाई
साउथ अफ्रीका के खिलाफ अक्षर पटेल को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने के फैसले पर टीम मैनेजमेंट ने अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। सहायक कोच रयान टेन डोशेट और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक के अनुसार, यह फैसला पूरी तरह से एक रणनीतिक कदम था।
कोचिंग स्टाफ ने बताया कि साउथ अफ्रीका के मध्यक्रम को देखते हुए और मैच-अप को ध्यान में रखते हुए एक अतिरिक्त बल्लेबाज को खिलाने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने साफ किया कि अक्षर पटेल टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य हैं और यह फैसला उनकी काबिलियत पर कोई सवाल नहीं उठाता। मैनेजमेंट का मानना है कि बड़े टूर्नामेंट में परिस्थितियों के अनुसार टीम में बदलाव करना आवश्यक होता है। अब सभी की निगाहें जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर टिकी हैं, जहां कप्तान रोहित शर्मा और कोचिंग स्टाफ का फैसला भारत के सुपर-8 अभियान की दिशा तय करेगा।






