Hindi News

मैनचेस्टर में 89 सालों से जीत का इंतजार, क्या गिल की कप्तानी में बदलेगा इतिहास?

Written by:Neha Sharma
Published:
भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का चौथा मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफोर्ड स्टेडियाम में खेला जाएगा। इस सीरीज में इंग्लैंड 2-1 से आगे है, और भारतीय टीम के लिए यह मैच बेहद अहम है।
मैनचेस्टर में 89 सालों से जीत का इंतजार, क्या गिल की कप्तानी में बदलेगा इतिहास?

भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का चौथा मुकाबला 23 जुलाई 2025 से मैनचेस्टर के ऐतिहासिक ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में खेला जाएगा। इस सीरीज में इंग्लैंड 2-1 से आगे है, और भारतीय टीम के लिए यह मैच बेहद अहम है, क्योंकि यह न केवल सीरीज को बराबर करने का मौका है, बल्कि मैनचेस्टर में 89 सालों से चली आ रही जीत की तलाश को खत्म करने का भी अवसर है।

ओल्ड ट्रैफर्ड में भारत का टेस्ट इतिहास

ओल्ड ट्रैफर्ड क्रिकेट ग्राउंड, जिसे क्रिकेट प्रेमी प्यार से “मैनचेस्टर का गढ़” कहते हैं, भारतीय टीम के लिए हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। भारत ने इस मैदान पर अब तक कुल 9 टेस्ट मैच खेले हैं, लेकिन एक भी जीत हासिल नहीं कर पाया है। इनमें से 4 मैचों में भारत को हार का सामना करना पड़ा, जबकि 5 मैच ड्रॉ रहे। पहला टेस्ट 1936 में खेला गया था, और आखिरी बार भारत ने 2014 में यहां इंग्लैंड का सामना किया था।

ऐतिहासिक लम्हें और यादगार प्रदर्शन

हालांकि भारत ने यहां जीत हासिल नहीं की, लेकिन कुछ भारतीय बल्लेबाजों ने ओल्ड ट्रैफर्ड में अपनी छाप छोड़ी है। 1936 में भारत के पहले टेस्ट में विजय मर्चेंट और मुश्ताक अली ने शतक जड़कर मैच ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, 1990 में मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 179 रनों की शानदार पारी खेली थी, जो इस मैदान पर किसी भारतीय बल्लेबाज का सर्वोच्च स्कोर है। 17 साल की उम्र में सचिन तेंदुलकर ने भी 1990 में यहां अपना पहला टेस्ट शतक लगाया था, जो भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक अविस्मरणीय पल है।

शुभमन गिल के सामने बड़ी चुनौती

शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम के सामने इस बार इतिहास रचने का मौका है। सीरीज में 1-2 से पीछे चल रही भारतीय टीम को न केवल सीरीज में बने रहने के लिए जीत की जरूरत है, बल्कि 89 सालों से चलते आ रहे जीत के इंतजार को खत्म करने के लिए भी उन्हें जीत चाहिए।