कौन कहता है कि क्रिकेट सिर्फ उम्रदराज दिग्गजों का खेल है? दरअसल आजकल आईपीएल में तो 15 साल के लड़के भी धुरंधर गेंदबाजों के पसीने छुड़ा रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस की हालत देखकर तो यही लगता है, जिन्हें एक युवा बल्लेबाज ने इतना खौफ में डाल दिया कि अब वह उसे स्कूल भेजने की बात करने लगे हैं। सुनकर हंसी आती है, लेकिन बात एकदम सच है। वैभव सूर्यवंशी नाम का यह खिलाड़ी, जिसकी उम्र महज 15 साल है, मैदान पर जो कहर ढा रहा है, उसे देखकर किसी भी गेंदबाज के माथे पर पसीना आ जाए। राजस्थान रॉयल्स के इस युवा सितारे ने आईपीएल 2026 में जो धूम मचाई है, वह वाकई अविश्वसनीय है।
दरअसल पैट कमिंस खुद उन गेंदबाजों में शामिल हैं, जिन्हें टूर्नामेंट के दौरान वैभव के आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज का सामना करना पड़ा। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ सीजन का सबसे तेज शतक जड़ना हो या फिर 29 गेंदों पर 97 रन की विस्फोटक पारी, वैभव ने हर बार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और साबित किया कि उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है। वह बड़े-बड़े नामों को भी बौना साबित कर सकते हैं।
काश वह अभी हाई स्कूल में होते: कमिंस
दरअसल फॉक्स क्रिकेट से बातचीत में कमिंस ने अपनी बेबसी और हैरानी खुलकर जाहिर की। उन्होंने कहा, ‘वैभव को गेंदबाजी करना बेहद मुश्किल है।’ फिर उसी मजाकिया अंदाज में जोड़ा, ‘काश वह अभी हाई स्कूल में होते, ताकि मुझे उनके खिलाफ गेंदबाजी न करनी पड़ती।’ कमिंस के मुताबिक, युवा बल्लेबाज में असाधारण प्रतिभा है और वह गेंद को बेहद ताकत के साथ हिट करते हैं, मानो हर गेंद पर छक्का जड़ने का संकल्प लेकर ही मैदान पर उतरते हों।
वह शानदार प्रतिभा के धनी: कमिंस
वहीं कमिंस ने अपनी बात को और पुख्ता करते हुए कहा, ‘वह शानदार प्रतिभा के धनी हैं। वह गेंद को बहुत दूर तक मारते हैं और उनके सामने गलती की गुंजाइश बेहद कम होती है। उन्हें गेंदबाजी करना काफी चुनौतीपूर्ण है।’ ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने आगे कहा, ‘यह अविश्वसनीय है। मैंने शायद ही कभी किसी 15 साल के खिलाड़ी को इस तरह बल्लेबाजी करते देखा है। चाहे वह 15 साल का हो या 30 साल का, वह गेंद को बेहतरीन तरीके से हिट करता है।’ इन शब्दों में कमिंस की हैरानी और सम्मान दोनों साफ झलकते हैं।
कमिंस की पहली ही गेंद पर छक्का लगाया
दरअसल आईपीएल 2026 के शुरुआती मुकाबले मिस करने के बाद कमिंस की वापसी ऐसे समय हुई, जब वैभव सूर्यवंशी शानदार फॉर्म में थे। मैदान पर आते ही युवा बल्लेबाज ने कमिंस की पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर अपना इरादा साफ कर दिया। यह सिर्फ एक शुरुआत थी। उसी मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 36 गेंदों में शतक पूरा कर इतिहास रच दिया। प्लेऑफ के एलिमिनेटर मुकाबले में भी वैभव का बल्ला जमकर बोला। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने महज 29 गेंदों में 97 रन ठोक दिए, मानो रनों की बारिश कर दी हो।
वह आईपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन महज तीन रन से चूक गए। उस मुकाबले में कमिंस को कोई सफलता नहीं मिली और उन्होंने अपने चार ओवर में 64 रन खर्च किए। वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने 20 ओवर में 243 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो विरोधी टीम के लिए एक पहाड़ जैसा था। जवाब में सनराइजर्स हैदराबाद लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी और टूर्नामेंट से बाहर हो गई।






