पूर्वांचल के क्रिकेट प्रेमियों को जल्द ही एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। वाराणसी के राजातालाब गंजारी स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। मिली जानकारी के अनुसार, स्टेडियम का 92 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है, और अगस्त महीने तक इसे पूरी तरह से तैयार करके हैंडओवर कर दिया जाएगा। यह भी स्पष्ट है कि मानसून के बाद यहां घरेलू क्रिकेट आयोजनों की शुरुआत हो सकेगी, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों और दर्शकों को लाभ मिलेगा।
इस अत्याधुनिक स्टेडियम में बनारस की प्राचीन संस्कृति और आधुनिक व्यवस्थाओं का एक अनूठा और आकर्षक संगम देखने को मिलेगा। इसकी आकर्षक तस्वीरें अभी से ही लोगों को बेहद प्रभावित कर रही हैं, जो इसकी भव्यता और विशिष्टता को दर्शाती हैं। स्टेडियम के बनने से न केवल पूर्वांचल के क्रिकेट प्रेमियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय खिलाड़ियों को भी अपने कौशल को निखारने और बड़े मंच पर प्रदर्शन करने का अवसर प्राप्त होगा।
भगवान शंकर की थीम तैयार किया जा रहा स्टेडियम
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के प्रोजेक्ट हेड सरोज शुक्ला ने बताया कि निर्माण कार्य पूरी गति और दक्षता के साथ जारी है। उन्होंने पुष्टि की कि अगस्त तक स्टेडियम से जुड़े सभी कार्य निश्चित रूप से पूरे हो जाएंगे। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी जानकारी दी कि स्टेडियम को भगवान शंकर की थीम पर विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है, जिसमें उनके डमरू, त्रिशूल और बनारस की समृद्ध सांस्कृतिक झलक स्पष्ट रूप से देखी जा सकेगी। यह थीम स्टेडियम को एक विशिष्ट पहचान प्रदान करेगी, जो इसे देश के अन्य स्टेडियमों से अलग बनाती है।
स्टेडियम में बैठने और पार्किंग की सुविधा
यह स्टेडियम 30 हजार से अधिक दर्शकों के बैठने की क्षमता रखता है, जिससे बड़े पैमाने पर क्रिकेट आयोजनों को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सकेगा। दर्शकों की सुविधा के लिए 1500 से अधिक वाहनों की पार्किंग की भी व्यापक व्यवस्था की गई है, जो मैच के दिनों में आने वाले लोगों के लिए सुगम अनुभव सुनिश्चित करेगी। दुनिया के बेहतरीन स्टेडियमों की तर्ज पर, वाराणसी के इस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में ड्रेनेज सिस्टम का भी विशेष ध्यान रखा गया है।
हाईटेक ड्रेनेज सिस्टम से लैस होगा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम
जानकारी के मुताबिक, स्टेडियम में स्थापित ड्रेनेज सिस्टम इतना प्रभावी है कि तीन घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद भी, मैदान को डेढ़ घंटे के भीतर पुनः खेलने लायक बनाया जा सकेगा। इस प्रणाली की विशिष्टता यह है कि यह 20 लाख लीटर पानी को मात्र 30 मिनट में मैदान से बाहर निकालने की क्षमता रखती है, जो किसी भी मौसम की चुनौती के लिए स्टेडियम को तैयार करती है। निर्माण कार्य अंतिम चरण में होने के साथ ही, इसकी भव्य और आकर्षक झलक लोगों को लगातार प्रभावित कर रही है, जो इसके उद्घाटन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।






