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मैं योगराज सिंह से बिलकुल अलग हूं…. युवराज सिंह ने पिता को लेकर क्यों दिया यह बयान? जानिए पूरा मामला

Written by:Rishabh Namdev
Published:
सोशल मीडिया पर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह किसी न किसी वजह से चर्चा में रहते हैं। अक्सर उनके बयान लोगों के बीच सुर्खियां बटोरते हैं, लेकिन इस बार युवराज सिंह चर्चा में हैं। दरअसल, उन्होंने अपने पिता योगराज सिंह की कोचिंग स्टाइल को लेकर बड़ा बयान दिया है।
मैं योगराज सिंह से बिलकुल अलग हूं…. युवराज सिंह ने पिता को लेकर क्यों दिया यह बयान? जानिए पूरा मामला

क्रिकेट की दुनिया में युवराज सिंह का बड़ा नाम रहा है। व्हाइट बॉल क्रिकेट में युवराज सिंह जैसा खिलाड़ी भारत की टीम में शामिल रहा, जिसके चलते भारत ने कई बड़े मुकाबले जीते। युवराज ने 2007 के T20 वर्ल्ड कप में एक ओवर में छह छक्के लगाकर दुनिया भर को हैरान कर दिया था। लेकिन युवराज सिंह अब क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर चुके हैं, मगर वह अभी भी लोगों के बीच चर्चा में रहते हैं। हाल ही में युवराज सिंह ने पिता योगराज सिंह को लेकर बड़ी बात कही है।

दरअसल, योगराज सिंह नए खिलाड़ियों में उत्साह भरने के लिए तरह-तरह के बयान देते हैं। वह अकादमी में युवा खिलाड़ियों को तैयार भी करते हैं। उनकी तरह ही युवराज सिंह भी भारत के आने वाले युवा खिलाड़ियों पर ध्यान दे रहे हैं। अभिषेक शर्मा को युवराज सिंह ने काफी समय दिया और आज अभिषेक शर्मा भारतीय क्रिकेट टीम में अपना जलवा भी दिखा रहे हैं। लेकिन अब युवराज सिंह ने अपने पिता को लेकर बड़ी बात कही है। उनका कहना है कि वह अपने पिता योगराज सिंह से बिल्कुल अलग हैं।

युवराज सिंह और योगराज सिंह दोनों ही कोचिंग में माहिर

दरअसल, युवराज सिंह और योगराज सिंह दोनों ही कोचिंग में माहिर हैं, लेकिन युवराज सिंह का कहना है कि वह पिता योगराज सिंह से बिल्कुल अलग हैं। योगराज सिंह जहां कड़े अनुशासन और स्ट्रिक्ट ट्रेनिंग में विश्वास रखते हैं, तो युवराज सिंह का तरीका ऐसा नहीं है। युवराज का कहना है कि मैं निश्चित रूप से योगराज सिंह जैसा बिल्कुल नहीं हूं। मैं बहुत अलग इंसान हूं, मेरा व्यक्तित्व भी बेहद अलग है। मेरा कोचिंग करने का तरीका भी काफी अलग है। मैं समझता हूं कि जब आप किसी को कोचिंग दे रहे हों या मेंटर कर रहे हों तो आपको उनकी जगह खुद को रखकर सोचना चाहिए। आपको उनके मन को समझना चाहिए कि वह क्या महसूस कर रहे हैं, न कि सिर्फ यह बताया जाए कि क्या करना है। यह धक्का और खिंचाव जैसा होना चाहिए। आप कुछ लेते हैं तो कुछ देते हैं, इसलिए हमें यह समझना जरूरी है कि 19 साल के लड़के के दिमाग में क्या चल रहा है।

किसी ने भी उन चुनौतियों को नहीं समझा: युवराज सिंह

दरअसल, युवराज सिंह को बचपन में पिता योगराज सिंह ने ही ट्रेनिंग दी थी। योगराज सिंह का रवैया बेहद सख्त रहता था। एक बार युवराज सिंह के स्केटिंग के जूते को भी योगराज सिंह ने फेंक दिया था ताकि वह क्रिकेट के अलावा किसी और में करियर बनाने के बारे में ना सोचें। यही कारण है कि युवराज सिंह ने क्रिकेट को बेहतरीन तरीके से समझा। 2007 का T20 वर्ल्ड कप हो या 2011 का वनडे वर्ल्ड कप, युवराज सिंह ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया। ICC के बड़े इवेंट्स में युवराज ने भारत को मैच जिताए। इस दौरान युवराज सिंह ने अपनी तरीकों पर भी बात की। युवराज सिंह का कहना है कि जब मैं 19 साल का था तो किसी ने भी उन चुनौतियों को नहीं समझा था जिनका मैं सामना कर रहा था। तो ऐसे में जब भी मैं 19–20 साल के किसी खिलाड़ी को देखता हूं तो मैं यह समझता हूं कि वह मानसिक रूप से किन चुनौतियों का सामना कर रहे होंगे। मैं उनके अनुसार ही काम करने के बारे में सोचता हूं, ना कि उन्हें बताने के बारे में कि क्या करना है।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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