नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में से एक क्लाउडफ्लेयर (Cloudflare) में आई तकनीकी खराबी के कारण मंगलवार को कई लोकप्रिय वेबसाइटें और ऑनलाइन सेवाएं ठप हो गईं। इस वैश्विक आउटेज का असर कैनवा, ब्लिंकिट, डिस्कॉर्ड और यहां तक कि वेबसाइट डाउन होने की जानकारी देने वाले प्लेटफॉर्म डाउन डिटेक्टर पर भी पड़ा, जिससे करोड़ों यूजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ा।

सेवाएं बाधित होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, खासकर ट्विटर पर यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। कुछ ही देर में #CloudflareDown ट्रेंड करने लगा और इंटरनेट पर मीम्स और मजाकिया पोस्ट की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने इस बात पर हैरानी जताई कि थोड़े-थोड़े समय पर क्लाउडफ्लेयर में ऐसी समस्याएं क्यों आ रही हैं।

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने ली चुटकी

आउटेज के दौरान यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में अपनी परेशानी जाहिर की। एक यूजर ने लिखा, “यह पता लगाने के लिए कि क्लाउडफ्लेयर डाउन है या नहीं, मैं डाउन डिटेक्टर पर गया। पता चला कि डाउन डिटेक्टर भी क्लाउडफ्लेयर पर ही चलता है।” यह स्थिति काफी हास्यास्पद थी क्योंकि जो वेबसाइट दूसरों के डाउन होने की जानकारी देती है, वह खुद भी ठप हो गई थी।


एक अन्य यूजर ने कंपनी पर तंज कसते हुए लिखा,

क्यों महत्वपूर्ण है क्लाउडफ्लेयर?

क्लाउडफ्लेयर एक कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क (CDN) और DDoS सुरक्षा प्रदान करने वाली कंपनी है। दुनिया की लाखों वेबसाइटें अपनी स्पीड, परफॉर्मेंस और सुरक्षा के लिए इसकी सेवाओं का इस्तेमाल करती हैं। जब क्लाउडफ्लेयर के नेटवर्क में कोई समस्या आती है, तो उस पर निर्भर रहने वाली सभी वेबसाइटें और एप्लीकेशन प्रभावित हो जाती हैं। यही वजह है कि इसके एक छोटे से आउटेज का असर भी बहुत बड़े पैमाने पर दिखाई देता है।