व्हाट्सएप पर आया नया “सीक्रेट कोड” फीचर, बढ़ेगी प्राइवसी, कोई नहीं पढ़ पाएगा आपका चैट, ऐसे करेगा काम

whatsapp secret code feature

WhatsApp New Feature: व्हाट्सऐप का इस्तेमाल दुनियाभर में करीब 2.78 बिलियन लोग कर रहे हैं। केवल भारत में 500 मिलियन से अधिक व्हाट्सएप यूजर्स हैं। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को बेहतर बनाने के लिए Meta लगातार प्रयास कर रहा है। अब तक नई नए फीचर्स और अपडेट्स भी आ चुके हैं। गुरुवार को मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने एक और नए फीचर की घोषणा कर दी है, जिसका नाम “सीक्रेट कोड (Secret Code)” है। इस सुविधा के जरिए यूजर्स अपने चैट को लॉक कर पाएंगे।

whatsapp secret code feature

फीचर के बारे में

व्हाट्सएप सीक्रेट कोड फीचर के तहत यूजर्स अपने प्राइवेट चैट्स को चुनकर छुपा पाएंगे। लॉक को खोलने के लिए पासवर्ड और पिन की जरूरत पड़ेगी। इसके अलावा फिंगर प्रिन्ट और Face Scanning के जरिए लॉक को खोलने की सुविधा भी उपलब्ध होगी। खास बात यह है कि लॉक किये चैट्स मेनलिस्ट में नजर नहीं आएंगे। कोड में वर्ड और Emoji दोनों का इस्तेमाल करने की अनुमति होगी। यह सुविधा एंड्रॉयड और iOS दोनों ही प्लेटफ़ॉर्म पर शुरू होगी। फिलहाल, इसे कुछ बीटा यूजर्स के लिए शुरू किया गया है। जल्द ही यह सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा।

whatsapp secret code feature

ऐसे करेगा काम

व्हाट्एप केचैट लॉक फीचर को आसानी से एक्टिव किया जा सकता है। नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करते हुए आप इस सुविधा का लाभ उठा पाएंगे। सबसे पहले व्हाट्सएप को ओपन करें। ऊपर दिए गए 3-डोट्स पर क्लिक करें। अब “Chat Lock Setting” के ऑप्शन पर क्लिक करें। “Hide Locked Chats” के ऑप्शन पर क्लिक करें। सीक्रेट कोड को एंट्री करें।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews