टीकमगढ़।आमिर खान। रक्त दान माह दान। डेटाबेस के साथ साथ लोकल व्हाट्सएप्प ग्रुप्स भी सक्रिय किये जायें ताकि लोकल लेवल पर भी ज़रूरतमन्द को खून पहुचाया जा सके। इशानिका फाउंडेशन में अपने जीवन मे हुई दुर्घटना को पॉजिटिव लेते हुए उसकी याद में काफी ज़रूरतमंदों को खून पहुचाया जा रहा है। जनता में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है कि खून दान करने से कोई कमजोरी नहीं आती है। क्योंकि अक्सर लोग अभी ऐसे जो खून देने से डरते हैं और यह समझते हैं कि खून देने से कमजोरी आती है। यह बात आज पुलिस कप्तान अनुराग सुजानिया ने इशानिका फाउंडेशन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कही।
शहर के कुछ समाजसेवी द्वारा वॉट्सएप पर एक ग्रुप बनाकर लोगों को रक्तदान जैसे महान काम के लिए जागरूक किया जाता है। साथ ही खून की जरूरत होने वाले व्यक्ति को खून भी उपलब्ध कराया जाता है। इसमें अहम बात यह कि यह ग्रुप अब तक के सबसे बेहतर ग्रुपों के रूप में लोगों के बीच साबित हो रहा। इस ग्रुप में ऐसे तमाम लोग हैं जो 30 से 40 बार रक्तदान कर चुके हैं।
रक्तदान, महादान : एसपी
Written by:Gaurav Sharma
Published:
लेखक के बारे में
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






