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आदिवासी के कच्चे मकान को अतिक्रमण घोषित करने का भय दिखाकर मांगी रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी को रंगे हाथ पकड़ा

Written by:Atul Saxena
Published:
पुंटू आदिवासी ने अपने आवेदन में कहा कि पटवारी अजय सूत्रकार उसे उसका कच्चा मकान अतिक्रमण घोषित करने की धमकी दे रहा है और 15000/- रुपये रिश्वत मांग रहा है।
आदिवासी के कच्चे मकान को अतिक्रमण घोषित करने का भय दिखाकर मांगी रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी को रंगे हाथ पकड़ा

Lokayukta Police Sagar caught Patwari taking bribe

महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश के बाद से मध्य प्रदेश में लोकायुक्त की टीमें लगातार घूस खोरों पर नकेल कस रहीं हैं, आज मंगलवार को जबलपुर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने एक राजस्व निरीक्षक करण सिंह लोधी को व्यापारी रोहित जैन से 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा है तो वहीं सागर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने एक पटवारी को आदिवासी से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा है।

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर योगेश्वर शर्मा ने जानकारी देते हुये बताया कि टीकमगढ़ जिले के ग्राम गोपालपुरा भाटा ग्राम पंचायत गोपालपुरा खास निवासी पुंटू आदिवासी ने एक शिकायती आवेदन कार्यालय में दिया था जिसमें उसने पटवारी पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।

आदिवासी से पटवारी ने मांगी रिश्वत 

शिकायती आवेदन में पुंटू आदिवासी ने बताया कि वो ग्राम गोपालपुर भाटा ग्राम पंचायत गोपालपुर खास टीकमगढ़ में पिछले 50 सालों से पट्टे की जमीन पर कच्चा मकान बनाकर रह रहा है। पटवारी अजय सूत्रकार उसे उसका कच्चा मकान अतिक्रमण घोषित करने की धमकी दे रहा है और 15000/- रुपये रिश्वत मांग रहा है।

पहली क़िस्त 5000/- रुपये ले चुका था

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने सत्यापन कराया, सत्यापन के दौरान पटवारी अजय सूत्रकार ने पुंटू आदिवासी से 5000/- रुपये पहली क़िस्त के रूप में ले लिए और 2 जून को शेष राशि देने की बात कही, रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण मिलने के बाद लोकायुक्त ने घूसखोर को पकड़ने का प्लान बनाया।

10 हजार रुपये लेते ही लोकायुक्त ने दबोचा 

प्लान के तहत लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम टीकमगढ़ पहुंची, उसने पावडर लगे नोट (10 हजार रुपये) पुंटू आदिवासी को दिए और गोपालपुरा पटवारी अजय सूत्रकार के बताये स्थान पन्नालाल कुशवाहा की किराने की दुकान ग्राम कंचनपुरा पर भेजा जहाँ जैसे ही पुंटू आदिवासी ने रिश्वत की राशि 10 हजार रुपये पटवारी अजय सूत्रकार को दिए लोकायुक्त पुलिस ने उसे दबोच लिया।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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