रिश्वतखोरी पर कड़ी लगाम के बावजूद इस तरह के मामले लगातार आ रहे हैं, प्रदेश में घूसखोर शासकीय सेवक अपनी आदतें नहीं छोड़ रहे, इसी क्रम में लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने टीकमगढ़ के शासकीय कॉलेज में छापा मारकर स्थापना क्लर्क को 1 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है।
लोकायुक्त पुलिस सागर एसपी योगेश्वर शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके कार्यालय में नगर परिषद कारी जिला टीकमगढ़ निवासी देवेंद्र वाल्मीक ने एक शिकायती आवेदन दिया था जिसमें शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय टीकमगढ़ में पदस्थ स्थापना शाखा क्लर्क पर रिवत मांगने के आरोप लगाये थे।
एरियर, ईएल की राशि देने मांगी 2 लाख रुपये रिश्वत
शिकायतकर्ता देवेंद्र वाल्मीक ने बताया कि वो इसी साल जनवरी 2026 में शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय टीकमगढ़ से स्वीकार के पद से रिटायर हुआ है उसका समयमान वेतन का एरियर अटका है और उसकी अर्जित अवकाश की राशि भी मिलना शेष है जिसे देने के लिए स्थापना शाखा में पदस्थ क्लर्क (मूल पद लैब टेक्नीशियन) नितिन मिश्रा रिश्वत 2 लाख रुपये मांग रहा है।
शिकायत के सत्यापन के दौरान ले लिए 50 हजार
शिकायत मिलने के बाद जब इसका सत्यापन कराया गया तो उसी दौरान 7 मई को क्लर्क नितिन मिश्रा ने 50 हजार रुपये ले लिए और शेष राशि आज 12 मई को देने के लिए कहा, रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद ट्रैप प्लान की गई और सागर लोकायुक्त की टीम शासकीय स्नातकोत्तर महा विद्यालय टीकमगढ़ पहुंची।
रिश्वत हाथ में आते ही लोकायुक्त टीम ने दबोचा
टीम ने शिकायतकर्ता देवेन्द्र वाल्मीक को नितिन मिश्रा के पास कॉलेज की लेखा शाखा में भेजा जहाँ उसने 1 लाख रुपये क्लर्क को दिए और बाहर खड़ी टीम को इशारा दे दिय, टीम ने कॉलेज के अन्दर छापा मारा और रिश्वत लेते क्लर्क नितिन मिश्रा को रंगे हाथ पकड़ लिया और रिश्वत में ली गई 1 लाख रुपये की राशि जब्त कर ली। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी स्थापना शाखा क्लर्क (मूल पद लैब टेक्नीशियन) के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर जाँच में ले लिया है ।






