उज्जैन में गुरु पूर्णिमा के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कई अहम कार्यक्रमों में शामिल होंगे। दरअसल 34 करोड़ रुपये की लागत से बने नए गीता भवन का लोकार्पण, ‘मिशन बुनियाद’ की शुरुआत, नव चयनित प्राथमिक शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण और शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों का सम्मान इस दौरे की प्रमुख खासियत रहेगी। वहीं कार्यक्रम को प्रदेश के शिक्षा और विकास एजेंडे से जोड़कर देखा जा रहा है।
वहीं इस दौरे का सबसे अहम हिस्सा राज्य स्तरीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव और सांदीपनि अलंकरण समारोह रहेगा। यहां मुख्यमंत्री नव चयनित प्राथमिक शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शुरू किए जा रहे ‘मिशन बुनियाद’ का शुभारंभ भी करेंगे। इस कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल होंगे।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी
दरअसल स्कूल शिक्षा विभाग के मुताबिक, इस कार्यक्रम में 17 जिलों से करीब एक हजार नव चयनित प्राथमिक शिक्षक मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री उनके बीच नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। राज्य में चयनित कुल 7,500 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के तहत मंच से प्रतीकात्मक रूप से 10 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी और प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी।
वहीं ‘मिशन बुनियाद’ का उद्देश्य शुरुआती कक्षाओं में बच्चों की पढ़ाई को मजबूत करना है। इस पहल के जरिए भाषा, गणित और बुनियादी सीखने की क्षमता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शिक्षा विशेषज्ञ लंबे समय से इस बात पर जोर देते रहे हैं कि शुरुआती कक्षाओं में मजबूत आधार बनने से आगे की पढ़ाई आसान होती है। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने इस अभियान की शुरुआत का फैसला किया है। नए शिक्षकों की नियुक्ति और मिशन बुनियाद को साथ जोड़कर सरकार प्राथमिक शिक्षा में सुधार की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव में सम्मान समारोह
दरअसल कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों और संस्थानों को भी सम्मानित किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षाओं में लगातार तीन वर्षों तक 100 प्रतिशत परिणाम देने वाले छह स्कूल प्राचार्यों को सम्मान मिलेगा। इसके अलावा उज्जैन जिले के दो प्राचार्यों को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा। नेशनल मींस कम मेरिट परीक्षा में जिले में प्रथम स्थान हासिल करने वाले छात्र को भी मंच पर सम्मान दिया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग के पांच सेवानिवृत्त सहायक प्राध्यापकों को भी उनके लंबे शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। इससे शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का उत्साह बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस दौरान उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमि पूजन भी करेंगे।






