जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के परीक्षा पोर्टल पर छात्रा के रोल नंबर और व्यक्तिगत जानकारी के साथ अश्लील शब्द दिखाई देने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल विश्वविद्यालय ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि छात्र संगठनों ने इसे विद्यार्थियों की निजता और परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी गंभीर लापरवाही बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक बीफार्मा सीबीसीएस आठवें सेमेस्टर की छात्रा जून 2026 की परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन भर रही थी। दरअसल पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद उसने पाया कि उसके नाम और रोल नंबर से जुड़ी जानकारी के साथ अभद्र शब्द लिखे हुए हैं। पहले उसे तकनीकी गड़बड़ी का शक हुआ, लेकिन दोबारा लॉगिन करने पर भी वही स्थिति दिखाई दी। इसके बाद छात्रा ने विभागीय अधिकारियों को शिकायत दी और मामला तेजी से विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंच गया। शुरुआती स्तर पर यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह तकनीकी त्रुटि है, किसी व्यक्ति की शरारत है या फिर सिस्टम से छेड़छाड़ का मामला।
परीक्षा पोर्टल विवाद से उठे डेटा सुरक्षा पर सवाल
वहीं इस घटना के सामने आने के बाद छात्रों के बीच परीक्षा पोर्टल की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। छात्रा का कहना है कि सिर्फ आठवें सेमेस्टर ही नहीं, बल्कि पहले के सेमेस्टरों में भी उसकी जानकारी गलत तरीके से दर्ज दिखाई दे रही है। यदि यह दावा सही साबित होता है तो मामला केवल एक छात्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे परीक्षा डेटाबेस की सुरक्षा पर सवाल खड़े होंगे। छात्र संगठनों ने आरोप लगाया है कि अगर किसी छात्र की निजी जानकारी में इस तरह बदलाव संभव है तो भविष्य में मार्कशीट, परीक्षा रिकॉर्ड या अन्य दस्तावेज भी प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने मांग की है कि विश्वविद्यालय साइबर विशेषज्ञों की मदद से पूरे पोर्टल का सुरक्षा ऑडिट कराए और छात्रों को स्पष्ट जानकारी दे कि उनकी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का जवाब?
दरअसल मामले पर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक सुनील दुबे ने कहा है कि शुरुआती जांच में परीक्षा विभाग के मुख्य डेटाबेस से छेड़छाड़ के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं। उनके अनुसार संभावना है कि किसी शरारती व्यक्ति ने छात्रा के इनरोलमेंट नंबर का गलत इस्तेमाल कर आवेदन से जुड़ी जानकारी में बदलाव किया हो। हालांकि अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। विश्वविद्यालय ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषी मिलने पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। दूसरी ओर, छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे प्रदर्शन करेंगे। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब देशभर में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और डिजिटल सुरक्षा को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।






