जबलपुर से 40 किलोमीटर दूर बरगी बांध के किनारे प्राचीन नंदिकेश्वर धाम मौजूद है। ये मंदिर इन दिनों पेयजल संकट का सामना कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि बरगी बांध के पास होने के बावजूद भी पिछले डेढ़ महीने से मंदिर परिसर में पानी के सप्लाई नहीं हो रही है।
जल संकट की वजह से भगवान की पूजा अर्चना करने के लिए पुजारी तो परेशान हैं हीं आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी हो रही है। मंदिर के पुजारी और ग्रामीणों का कहना है कि इस बारे में कई बार प्रशासन और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण को शिकायत की गई है लेकिन समस्या का समाधान नहीं मिल पाया है।
मंदिर में गहराया पेयजल संकट
नंदिकेश्वर धाम श्रद्धालुओं के बीच काफी प्रसिद्ध है। सावन के समय यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु महादेव को जल अर्पित करने पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर में पानी नहीं होने की वजह से श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। पानी की कमी की वजह से अभी से श्रद्धालुओं की संख्या में कमी देखने को मिल रही है।
जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप
इस मामले में मंदिर के पुजारी बंटी त्रिपाठी और रजनीश उपाध्याय का कहना है कि नर्मदा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को जानकारी दी गई है लेकिन पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं आया है। इसके अलावा मंदिर की बाउंड्री वॉल भी गिर गई है। बिजली का पोल तार के सहारे लटका हुआ है जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है। परिसर में बनी पानी की टंकी गिरने की आशंका भी बनी हुई है।
बतौर पुजारी अधिकारी बैठक का आश्वासन देते हैं लेकिन परेशानियों का समाधान नहीं निकाला जाता। नर्मदा घाटी परियोजना से पूरे क्षेत्र में पानी दिया जा रहा है लेकिन मंदिर तक पानी नहीं पहुंच रहा है। वहीं एनवीडीए के राजकुमार झारिया का कहना है कि बोरवेल में पानी नहीं होने की वजह से पेयजल सप्लाई बंद है वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।
वंदना झा की रिपोर्ट।






