भोपाल: मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। लगातार हो रही मौतों के विरोध में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के बंगले का घेराव करने का प्रयास किया। भोपाल यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अंकित दुबे और प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया।
यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा उप मुख्यमंत्री के आवास का घेराव किए जाने से पहले ही पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच करीब 20 मिनट तक धक्का-मुक्की होती रही। काफी प्रयास के बावजूद कार्यकर्ता आगे नहीं बढ़ सके। जिसके बाद उन्होंने मौके पर ही प्रदर्शन समाप्त किया और वापस लौट गए।
मासूमों की मौत पर अब चुप्पी नहीं चलेगी: यश घनघोरिया
इस मौके पर यश घनघोरिया ने कहा कि राज्य में मासूमों की मौत पर अब चुप्पी नहीं चलेगी। रीवा में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत हो या बालाघाट में 30 आदिवासी बच्चों की मौत, हर घटना प्रदेश की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकार की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। घनघोरिया ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब जनता की जिंदगी सुरक्षित नहीं, तो मंत्री की कुर्सी सुरक्षित क्यों? स्वास्थ्य विभाग के मुखिया के तौर पर इन घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए राजेंद्र शुक्ल को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
यश घनघोरिया ने आगे कहा कि सागर में जहरीली शराब से मौतों का मामला सामने आया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने इस मामले में 50 लोगों की मौत होने की बात कही है जबकि अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों की संख्या इससे कम बताई गई है।
इन घटनाओं को लेकर यूथ कांग्रेस ने किया यह प्रदर्शन
बता दें कि यूथ कांग्रेस ने सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों, वहीं रीवा में प्रसूता और नवजात की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। साथ ही बालाघाट में बच्चों की मौत और छिंदवाड़ा में कथित जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले को लेकर भी सरकार को घेरा है। इन घटनाओं को लेकर यूथ कांग्रेस लगातार सरकार पर स्वास्थ्य व्यवस्था में लापरवाही के आरोप लगा रहा है।
आज भोपाल में स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के निवास का घेराव कर सरकार को साफ संदेश दिया—मध्यप्रदेश में मासूमों की मौत पर अब चुप्पी नहीं चलेगी। रीवा में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत हो या बालाघाट में 30 आदिवासी बच्चों की मौत, हर घटना प्रदेश की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था pic.twitter.com/HprQO67atK
— Yash Lakhan Ghanghoria (@YashGhanghoriya) September 11, 2026





